maharashtrakhabar24.in,नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 44°C के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
इन शहरों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
गुरुवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 44.5°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं यूपी के प्रयागराज और महाराष्ट्र के अमरावती में 44.4°C, जबकि अकोला में 44.3°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
स्कूल टाइमिंग में बदलाव
तेज गर्मी को देखते हुए राजस्थान के जयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर और दौसा में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे कर दिया गया है।साथ ही बीकानेर, झुंझुनूं और जैसलमेर में सरकारी योजनाओं के तहत मजदूरों के काम का समय भी बदला गया है। अब काम सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही होगा।
केरल में लू से पहली मौत
केरल के कन्नूर जिले में लू लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह इस सीजन में राज्य में गर्मी से हुई पहली मौत मानी जा रही है।

ओडिशा में स्कूल बंद
ओडिशा में भी हीटवेव का असर जारी है।झारसुगुड़ा और तालचेर में तापमान 44°C तक पहुंच गया, जबकि राज्य के 24 स्थानों पर तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया गया। स्थिति को देखते हुए कटक में स्कूल-कॉलेज 27 अप्रैल तक बंद,रायगढ़ा, झारसुगुड़ा और गंजाम में 26 अप्रैल तक स्कूल बंद
संभाजीनगर भी लू की चपेट में
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.6°C दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों से तापमान 41°C के आसपास बना हुआ था, लेकिन अचानक बढ़ी गर्मी ने हालात और खराब कर दिए। शहर में लू चलने लगी,पानी और बिजली की समस्या बढ़ी,सड़कों पर सन्नाटा, बाजार प्रभावित,स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रही और परीक्षार्थियों को खास परेशानी उठानी पड़ी।
हीटवेव अलर्ट : सावधान रहें, सुरक्षित रहें
हम इस समय सामान्य से ज्यादा गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
गर्मी क्यों बढ़ रही है?
कभी-कभी “एल नीनो” जैसी जलवायु स्थिति के कारण तापमान बढ़ सकता है और मानसून प्रभावित हो सकता है। हालांकि, हर साल इसका असर अलग-अलग होता है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
पानी पीते रहें
- प्यास लगे या न लगे, नियमित अंतराल पर पानी पिएं। ORS, नींबू पानी, छाछ भी फायदेमंद हैं।
11 AM – 3 PM के बीच सावधानी
- जरूरी न हो तो बाहर न निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें
- सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े बेहतर होते हैं।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- चक्कर या सिरदर्द
- उल्टी
- बेहोशी
- शरीर बहुत गर्म होना
क्या करें?
- व्यक्ति को तुरंत ठंडी/छायादार जगह पर ले जाएं
- पानी या ORS दें (अगर होश में हो)
- शरीर को ठंडा करें और डॉक्टर से संपर्क करें
जानवरों का भी रखें ध्यान
- बाहर पानी रखें
- छांव की व्यवस्था करें
डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल न करें। सही जानकारी और सावधानी से हम इस गर्मी को सुरक्षित तरीके से झेल सकते हैं।
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