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Marathwada Graduate Election : मराठवाड़ा स्नातक चुनाव में 55.73% मतदान, 41 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद

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Marathwada Graduate Election :छत्रपति संभाजीनगर। मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के बहुचर्चित विधान परिषद चुनाव में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस चुनाव में 41 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। मतदान प्रतिशत में आई गिरावट ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मराठवाड़ा के आठ जिलों में कुल 842 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3 लाख 26 हजार 700 मतदाता पंजीकृत थे। चुनाव मैदान में 41 उम्मीदवार होने के कारण मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।

Marathwada Graduate Election : छत्रपति संभाजीनगर में 55.73 प्रतिशत मतदान

जिला निर्वाचन शाखा के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर जिले में शाम 4 बजे तक 55.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले के 217 मतदान केंद्रों पर कुल 93,318 मतदाताओं में से 52,007 स्नातक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।आंकड़ों के मुताबिक, पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 59.15 रहा, जबकि महिला मतदाताओं का प्रतिशत 47.30 दर्ज किया गया।

  • कुल मतदाता: 93,318
  • मतदान करने वाले मतदाता: 52,007
  • मतदान केंद्र: 217
  • कुल मतदान प्रतिशत: 55.73%
  • पुरुष मतदान प्रतिशत: 59.15%
  • महिला मतदान प्रतिशत: 47.30%

पिछले चुनाव के मुकाबले घटा मतदान

पिछले चुनाव में इस निर्वाचन क्षेत्र में 64.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। कम मतदान का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।हालांकि, केवल मतदान प्रतिशत में गिरावट के आधार पर किसी एक राजनीतिक दल को फायदा या नुकसान होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसका वास्तविक असर उम्मीदवारों के समर्थकों की मतदान में भागीदारी, क्षेत्रवार मतदान और मतदाताओं के रुझान पर निर्भर करेगा।

41 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41 उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला रोचक हो गया है। चुनाव के दौरान बगावत और उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा ने राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है।अब सभी उम्मीदवारों को मतगणना का इंतजार है। 27 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर के चिकलठाणा एमआईडीसी में होने वाली मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस उम्मीदवार के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।

कम मतदान किसके लिए बनेगा चुनौती?

मतदान प्रतिशत में आई गिरावट ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या कम मतदान से किसी उम्मीदवार को अप्रत्याशित फायदा मिलेगा? क्या पारंपरिक मतदाता अपने उम्मीदवार के साथ मजबूती से खड़े रहे? इन सवालों के जवाब मतगणना के बाद सामने आएंगे।

आपकी राय क्या है? मराठवाड़ा स्नातक चुनाव में कम मतदान का फायदा किसे मिल सकता है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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(रात 1:08 बजे खबर अपडेट की गई है)

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