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नांदेड़ में फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में मिला किसान का शव, कर्ज वसूली के लिए बंधक बनाने और मारपीट का आरोप

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Nanded Farmer Death Case: नांदेड़ में 40 वर्षीय किसान चंद्रकांत शिंदे की मौत से सनसनी फैल गई है। परिजनों ने निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर कर्ज वसूली के लिए प्रताड़ित करने, बंधक बनाने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगा। महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में एक निजी वित्त कंपनी के कार्यालय के अंदर 40 वर्षीय किसान का शव फंदे से लटका हुआ मिलने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान मुदखेड़ तालुका के मलकौथा गांव निवासी चंद्रकांत शिंदे के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतक के परिवार ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों और संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि मामूली रकम के कर्ज की वसूली के लिए किसान को प्रताड़ित किया जा रहा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, किसान की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा।

Nanded Farmer Death Case:कर्ज से जुड़ा विवाद, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों के अनुसार, चंद्रकांत शिंदे ने निजी फाइनेंस कंपनी से ब्याज पर रकम उधार ली थी। परिवार का आरोप है कि कर्ज की वसूली के लिए कंपनी के कर्मचारी चंद्रकांत को बुधवार को उनके गांव से नांदेड़ स्थित कार्यालय ले गए थे। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर वहीं रोककर रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई।परिजनों ने आशंका जताई है कि किसान की मौत के पीछे गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मौत की परिस्थितियों की जांच की जानी बाकी है।

हिंगोली गेट इलाके में है फाइनेंस कंपनी का कार्यालय

बताया गया है कि संबंधित निजी वित्त कंपनी का कार्यालय नांदेड़ शहर के हिंगोली गेट इलाके में स्थित है। परिवार के आरोपों के अनुसार, कर्ज की रकम चुकाने के लिए चंद्रकांत पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, कर्ज की शर्तों, ब्याज दर, कथित बकाया रकम और वसूली के दौरान हुई घटनाओं की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और पुलिस जांच से ही हो सकेगी। फिलहाल कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।

 पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वजीराबाद पुलिस थाने के निरीक्षक अजीत कुंभार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने पत्रकारों को बताया कि मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस बीच, परिजनों ने फाइनेंस कंपनी के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार ने कार्रवाई होने तक शव लेने से इनकार करने की बात भी कही है।

कर्ज वसूली के तरीकों पर सवाल

चंद्रकांत शिंदे की मौत ने निजी वित्त कंपनियों की कर्ज वसूली की प्रक्रिया और कर्जदारों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि जांच में जबरन रोकने, मारपीट या गैरकानूनी वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर कानूनी मामला होगा। फिलहाल किसी व्यक्ति या कंपनी को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्य इस मामले में निर्णायक होंगे। किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई जरूरी है।

‘सख्त कार्रवाई की जाए’ 

यह अत्यंत गंभीर मामला है। कर्ज की वसूली के लिए किसान को दफ्तर में कैद कर उनका उत्पीड़न किया गया और उनकी हत्या कर आत्महत्या का ढोंग रचा गया।राज्य का किसान पहले से ही प्राकृतिक और सरकारी संकटों से जूझ रहा है, और ऐसे में बेलगाम निजी कंपनियों की गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई है। फाइनेंस कंपनी के गुंडों पर तुरंत हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कोई अन्य कंपनी ऐसा दुस्साहस न कर सके।

-रोहित पवार, विधायक

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