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दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; संगीत जगत में शोक की लहर

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‘छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए’ और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे सदाबहार गीतों की आवाज हमेशा रहेगी अमर

महाराष्ट्र खबर 24,मुंबई

हिंदी और मराठी संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लाखों संगीत प्रेमी अपने प्रिय गायिका को भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत सुमन हेमदी नाम से की थी, लेकिन विवाह के बाद उन्होंने सुमन कल्याणपुर नाम से पहचान बनाई। अपनी मधुर और सुरीली आवाज के दम पर उन्होंने हिंदी, मराठी, गुजराती और बंगाली समेत कई भाषाओं में हजारों गीत गाए।

2023 में मिला था पद्म भूषण सम्मान

संगीत क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया था। बढ़ती उम्र के कारण वे पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक जीवन और संगीत कार्यक्रमों से दूर थीं।

लता मंगेशकर जैसी आवाज के लिए थीं मशहूर

सुमन कल्याणपुर की आवाज को अक्सर महान गायिका लता मंगेशकर की आवाज से जोड़ा जाता था। रेडियो के दौर में कई बार श्रोताओं को यह पहचानना मुश्किल हो जाता था कि गाना लता मंगेशकर ने गाया है या सुमन कल्याणपुर ने। उनकी गायकी की यही खासियत उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच अलग पहचान दिलाती थी।

सुमन कल्याणपुर के सदाबहार गीत

  • छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए – सरस्वतीचंद्र (1968)
  • आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे – ब्रह्मचारी (1968)
  • ना ना करते प्यार तुम्हीं से – जब जब फूल खिले (1965)
  • तुमने पुकारा और हम चले आए – राजकुमार (1964)
  • मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिए – तीन देवियां (1965)
  • मेरा प्यार भी तू है – साथी (1968)
  • दिल जो ना कह सका – भीगी रात (1965)

सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी मधुर आवाज और सदाबहार गीत आने वाली पीढ़ियों को भी मंत्रमुग्ध करते रहेंगे।

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