Kanpur SBI Locker Case: बैंक लॉकर में रखे कीमती सामान को सुरक्षित मानने वाली एक महिला को उस समय बड़ा झटका लगा, जब वर्षों बाद उसने अपना लॉकर खोला और अंदर कुछ भी नहीं मिला। कानपुर के स्वरूप नगर स्थित SBI शाखा में महिला के लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के सोने के गहने और अन्य कीमती सामान गायब होने का आरोप सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने बैंक के ब्रांच मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Kanpur SBI Locker Case: 2003 में लिया था बैंक लॉकर
मामला कानपुर के स्वरूप नगर स्थित SBI शाखा का है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, उसने वर्ष 2003 में तत्कालीन स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (SBT) की स्वरूप नगर शाखा में लॉकर लिया था। बाद में बैंक के विलय के बाद यह शाखा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का हिस्सा बन गई।महिला का दावा है कि उसने लॉकर में करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने और अन्य कीमती सामान रखे थे। उसे भरोसा था कि बैंक लॉकर में होने के कारण उसका सामान सुरक्षित है।
लॉकर का शुल्क लगातार कटता रहा
महिला के मुताबिक, उसके पति की मौत के बाद वह लखनऊ चली गई थी। इसके बाद बैंक आना-जाना काफी कम हो गया और वह नियमित रूप से लॉकर की स्थिति देखने नहीं पहुंच सकी। हालांकि, उसके बैंक खाते से लॉकर का शुल्क लगातार कटता रहा। इसलिए उसे यही लगा कि लॉकर सक्रिय है और उसमें रखा सामान सुरक्षित है।
बैंक पहुंची तो रिकॉर्ड नहीं मिला, फिर खुला लॉकर
हाल में जब महिला कानपुर स्थित बैंक शाखा पहुंची और अपना लॉकर खोलने की कोशिश की तो कथित तौर पर बैंक कर्मचारियों को उसके लॉकर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड तलाशने में परेशानी हुई।बैंक की ओर से रिकॉर्ड की जांच के बाद लॉकर की जानकारी का पता लगाया गया और महिला को लॉकर खोलने की अनुमति दी गई।लेकिन लॉकर खुलते ही महिला के होश उड़ गए।लॉकर के अंदर उसके मुताबिक कोई गहना या कीमती सामान मौजूद नहीं था। लॉकर पूरी तरह खाली मिला।
बैंक रिकॉर्ड में पहले लॉकर एक्सेस की एंट्री
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला के लॉकर तक पहले किसकी पहुंच हुई थी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में बैंक रिकॉर्ड में लॉकर को पहले एक्सेस किए जाने से जुड़ी एक एंट्री मिलने की बात सामने आई है। अब जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लॉकर कब खोला गया था, उसे किसने एक्सेस किया और उस समय बैंक की निर्धारित प्रक्रिया क्या थी।
CCTV और लॉकर रजिस्टर खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच के लिए बैंक के कई रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया है। इनमें लॉकर एक्सेस रजिस्टर,बैंक के पुराने रिकॉर्ड,CCTV फुटेज,लॉकर से जुड़े दस्तावेज,बैंक में दर्ज अन्य एंट्री,शामिल हैं।जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि महिला के लॉकर को कब और किसने एक्सेस किया और लॉकर में रखे सामान के गायब होने की घटना कब हुई।
बैंक विलय के बाद रिकॉर्ड व्यवस्था पर भी सवाल
यह मामला बैंक लॉकर की सुरक्षा के साथ-साथ बैंक के विलय के बाद पुराने लॉकर रिकॉर्ड के रखरखाव पर भी सवाल खड़े करता है।महिला का कहना है कि जब वह बैंक पहुंची तो शुरुआत में उसके पुराने लॉकर रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध नहीं थे। बाद में रिकॉर्ड तलाशे जाने के बाद लॉकर की जानकारी सामने आई।अब पुलिस यह जांच कर रही है कि पुराने बैंक रिकॉर्ड में लॉकर को लेकर क्या–क्या जानकारी दर्ज है और उसमें पहले हुई एक्सेस की एंट्री किससे संबंधित है।
ब्रांच मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ FIR
महिला की शिकायत के आधार पर स्वरूप नगर थाने में बैंक के ब्रांच मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, लॉकर एक्सेस रजिस्टर और बैंक दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लॉकर से सामान कब और किस तरह गायब हुआ। बैंक की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बड़ा सवाल : 50 लाख के गहने आखिर गए कहां?
वर्षों तक लॉकर का शुल्क खाते से कटता रहा, लेकिन जब महिला ने हाल में लॉकर खोला तो वह खाली मिला। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि लॉकर को पहले किसने खोला, उस समय क्या प्रक्रिया अपनाई गई और करीब 50 लाख रुपये के बताए जा रहे गहने व अन्य सामान आखिर कब गायब हुए। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
Disclaimer: खबर में महिला की शिकायत और पुलिस जांच के आधार पर आरोपों का उल्लेख किया गया है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।










