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फिनिक्स : 25 साल से छात्रों को पढ़ाने वाले इंग्लिश अकादमी संचालक की मौत

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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

फिनिक्स : ऱ्ऊफ खान,छत्रपति संभाजीनगर: शहर में पिछले 25 वर्षों से विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय पढ़ाने वाले और ‘फिनिक्स इंग्लिश अकादमी’ के संचालक मोहन शिवराम कोरडे (60) की मौत से शिक्षा जगत में शोक की लहर है। मंगलवार को फिनिक्स क्लासेस परिसर में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पीने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए मिनी घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उपचार के दौरान बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे उनकी मौत हो गई।मौत के बाद कोरडे के परिजनों ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिनिक्स : 25 साल से दे रहे थे अंग्रेजी की शिक्षा

मोहन कोरडे एकनाथनगर और उस्मानपुरा क्षेत्र में रहते थे। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर के सिडको, औरंगपुरा, क्रांति चौक और उस्मानपुरा इलाकों में ‘फिनिक्स’ के माध्यम से अंग्रेजी की कक्षाएं संचालित कीं।करीब ढाई दशक के अध्यापन के दौरान उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों विद्यार्थी तैयार हुए। अंग्रेजी पढ़ाने के उनके तरीके के कारण छात्रों के बीच उनकी अलग पहचान बनी हुई थी।

क्लास की जगह खाली कराने का दबाव?

कोरडे की पत्नी सुनीता कोरडे के आरोपों के मुताबिक, फिनिक्स क्लासेस जिस जगह पर चल रही थी, उसे खाली कराने के लिए संबंधित बिल्डर की ओर से कुछ दिनों से दबाव बनाया जा रहा था।परिजनों का दावा है कि जगह खाली करने के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। इस कथित परेशानी को लेकर मोहन कोरडे ने सिडको एमआईडीसी पुलिस थाने में शिकायत आवेदन भी दिया था।

शिकायत के बाद तनाव में थे कोरडे

परिजनों के अनुसार, शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से मोहन कोरडे मानसिक तनाव में थे। जगह को लेकर विवाद, कथित दबाव और संबंधित स्तर पर सुनवाई नहीं होने की भावना के कारण वह परेशान थे। उनकी पत्नी का दावा है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

फिनिक्स क्लासेस में पीया जहरीला पदार्थ

मंगलवार दोपहर तापड़िया टॉकीज कैंपस स्थित फिनिक्स क्लासेस में मोहन कोरडे द्वारा जहरीला पदार्थ पीने की जानकारी सामने आई।हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल मिनी घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

सुसाइड नोट में नाम होने का दावा

परिजनों के मुताबिक, मोहन कोरडे ने मौत से पहले कथित तौर पर एक सुसाइड नोट लिखा था। परिवार का दावा है कि इस नोट में कुछ विशेष लोगों का उल्लेख किया गया है।हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक सुसाइड नोट की सामग्री या उसमें दर्ज नामों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में यह नोट महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा सकता है।

कार्रवाई तक शव लेने से इनकार

मोहन कोरडे की मौत के बाद उनकी पत्नी सुनीता कोरडे और रिश्तेदारों ने सख्त रुख अपनाया है। परिजनों ने पुलिस से कहा है कि संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होने तक वे शव स्वीकार नहीं करेंगे।परिजनों ने सिडको एमआईडीसी पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।

25 साल का अध्यापन सफर थमा

मोहन कोरडे ने करीब 25 वर्षों तक अंग्रेजी अध्यापन का काम किया। उनके फिनिक्स क्लासेस से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त की थी। उनके अचानक निधन से वर्तमान और पूर्व छात्रों सहित परिचितों में शोक का माहौल है।

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