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छत्रपति संभाजीनगर में बच्ची पर अत्याचार : 10 साल की बेटी को सिगरेट से दागा, ठंडा पानी डाला

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पिता के खिलाफ सिडको थाने में  मामला हुआ दर्ज

छत्रपति संभाजीनगर में बच्ची पर अत्याचार : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में एक बेहद अमानवीय और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिडको पुलिस थाना क्षेत्र में एक पिता पर 10 वर्षीय मासूम बेटी के साथ अत्याचार करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उसने बच्ची के शरीर पर ठंडा पानी डाला और हाथ-पैरों पर जलती सिगरेट से दागा। इतना ही नहीं, आरोपी ने बच्ची के सिर के बाल भी काट दिए । घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। इस मामले में पीड़िता के 24 वर्षीय बड़े भाई ने सिडको पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छत्रपति संभाजीनगर में बच्ची पर अत्याचार : बात नहीं मानने पर  पिटाई 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी छत्रपति संभाजीनगर के सिडको पुलिस थाना क्षेत्र में रहता है और पेंटिंग का काम करता है। उसके परिवार में दो बेटे और एक 10 वर्षीय बेटी है। पीड़ित बच्ची पांचवीं कक्षा में पढ़ती है।एफआईआर  के अनुसार, आरोपी का व्यवहार अपने बच्चों के प्रति कथित तौर पर बेहद कठोर था। बच्चों के उसकी बात नहीं मानने या उसके मनमुताबिक व्यवहार नहीं करने पर वह उनके साथ मारपीट करता था। इसी कथित क्रूर व्यवहार के बीच रविवार की मध्यरात्रि बच्ची के साथ गंभीर दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप है।

जलती हुई सिगरेट से  दिए चटके

आरोप है कि रविवार की रात पिता ने अपनी ही 10 वर्षीय बेटी के   शरीर पर ठंडा पानी डाला और उसके हाथ-पैरों पर जलती हुई सिगरेट से चटके दिए। इस दौरान बच्ची को शारीरिक और मानसिक रूप से गंभीर पीड़ा पहुंचने का आरोप है।

आरोपी पर बच्ची के सिर के बाल काटने का भी आरोप है, जिससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंची। जिस उम्र में बच्चों को परिवार से सुरक्षा, प्यार और देखभाल मिलनी चाहिए, उस उम्र में बच्ची को अपने ही पिता की कथित क्रूरता का सामना करना पड़ा।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

भाई को फोन से मिली जानकारी

घटना के बाद रविवार सुबह करीब 11 बजे पीड़ित बच्ची के 24 वर्षीय बड़े भाई को उसके चाचा का फोन आया। उन्होंने बताया कि पिता और बच्ची घर पर मौजूद नहीं हैं। यह जानकारी मिलने के बाद भाई को अपनी छोटी बहन की चिंता हुई और उसने उसकी तलाश शुरू कर दी। उसने आसपास के संभावित स्थानों पर बहन को खोजने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच जटवाड़ा इलाके में रहने वाली उसकी मौसेरी बहन का फोन आया। उसने जानकारी दी कि 10 वर्षीय बच्ची उसके घर पहुंच गई है।यह सूचना मिलते ही बड़ा भाई तत्काल जटवाड़ा पहुंचा। वहां उसने अपनी छोटी बहन को भयभीत और रोते हुए देखा। बच्ची की हालत देखकर भाई ने उसे भरोसे में लिया और प्यार से पूछताछ की, ताकि वह बिना किसी डर के अपने साथ हुई घटना के बारे में बता सके।

आपबीती सुनकर थाने पहुंचा भाई

बड़े भाई के पूछने पर बच्ची ने कथित तौर पर पिछली रात पिता द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की पूरी जानकारी दी। उसने बताया कि उसके साथ किस तरह मारपीट की गई और उसे सिगरेट से दागने के साथ अन्य अमानवीय व्यवहार किया गया। अपनी ही छोटी बहन के साथ हुई कथित क्रूरता की जानकारी मिलने के बाद भाई आक्रोशित हो गया।

उसने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देर किए सिडको पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों, बच्ची के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के भीतर बच्चों के साथ होने वाली हिंसा कई बार सामने नहीं आ पाती, क्योंकि बच्चे डर या दबाव के कारण अपनी बात किसी को बता नहीं पाते। ऐसे मामलों में परिजनों और आसपास के लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण होती है। छत्रपति संभाजीनगर की इस घटना में बड़े भाई की सक्रियता के कारण मामला पुलिस तक पहुंचा। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। बच्ची की सुरक्षा और उसे आवश्यक चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना भी इस तरह के मामलों में महत्वपूर्ण है।

नोट: आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। मामले में आरोपी को दोषी ठहराए जाने से पहले उसे कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का अधिकार है।

 

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