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‌‌BIG NEWS : नाशिक TCS केस; छत्रपति संभाजीनगर से जुड़े तार , 25 दिन से फरार थी आरोपी

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महाराष्ट्र खबर 24,छत्रपति संभाजीनगर

नाशिक की TCS कंपनी में कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने आखिरकार छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई नाशिक पुलिस और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की। आरोपी को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निदा खान को शहर के नाइगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया। मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार चल रही थी और पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। करीब 25 दिनों की तलाश के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।

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25 दिनों से तलाश में जुटी थी SIT

जानकारी के अनुसार, नाशिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) पिछले करीब 25 दिनों से निदा खान की तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी, लेकिन अदालत ने इस महीने की शुरुआत में उसे खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि मामले में डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य अहम जानकारियों की जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

 MIM पार्षद मतीन पटेल सह-आरोपी, SIT जांच की मांग

छत्रपति संभाजीनगर.चर्चित TCS ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि MIM पार्षद मतीन पटेल ने मुख्य आरोपी निदा खान को छिपाने में मदद की थी। इसके बाद पुलिस ने मतीन पटेल को इस केस में सह-आरोपी बनाया है और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है।जांच के मुताबिक, मतीन पटेल ने करीब दो महीने पहले कैसर कॉलोनी में एक नया घर खरीदा था। पुलिस का दावा है कि फरार चल रही निदा खान को इसी घर में छिपाकर रखा गया था। बताया जा रहा है कि निदा खान अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रहती थी।

MIM पर उठे सवाल

इस मामले में मतीन पटेल का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि MIM का इस कथित ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ नेटवर्क से संबंध हो सकता है। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच पुलिस ने AIMIM नेता इम्तियाज जलील के घर पर भी छापा मारा। हालांकि बाद में पुलिस इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने कहा कि वह अपने निजी काम से वहां गए थे और उनका इस केस की जांच से कोई संबंध नहीं है।

मंत्री शिरसाट ने उठाए बड़े सवाल

मंत्री संजय शिरसाट ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए SIT जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं के पास नौकरी नहीं है, उनके पास डेढ़ से दो लाख रुपये की बाइक और महंगे iPhone कहां से आ रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।

शिरसाट ने कहा कि वह इस मामले में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर SIT जांच की मांग करेंगे।

‘प्रेग्नेंसी’ को लेकर भी बड़ा दावा

मंत्री शिरसाट ने यह भी दावा किया कि निदा खान गर्भवती नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद बेल पाने के लिए गलत जानकारी दी गई।

क्या है TCS ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ मामला?

यह मामला 26 मार्च 2026 को सामने आया था। नासिक के इंदिरानगर स्थित अशोका बिजनेस एन्क्लेव में मौजूद TCS ऑफिस में काम करने वाली 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने पहली FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद 2 से 3 अप्रैल के बीच कुल 8 और FIR दर्ज हुईं। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि 2022 से 2026 के बीच TCS ऑफिस में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव, धार्मिक भावनाएं आहत करने और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएं हुईं। फिलहाल इस मामले से जुड़ी 9 FIR की सुनवाई नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय में अलग-अलग तारीखों पर चल रही है।

Last update : 8:45pm

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