maharashtrakhabar24.in, New Delhi.
केंद्र सरकार ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने नई ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।सरकार का लक्ष्य देश के 81.35 करोड़ गरीब लाभार्थियों तक समय पर और सही मात्रा में राशन पहुंचाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण में तकनीक का बड़ा इस्तेमाल होगा और फर्जी राशन कार्ड तथा कालाबाजारी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
फर्जी राशन कार्ड और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार का कहना है कि नई प्रणाली से राशन वितरण पूरी तरह डिजिटल निगरानी में आ जाएगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस राज्य में कितना अनाज पहुंचा, किस दुकान पर कितना वितरण हुआ और कहां गड़बड़ी की आशंका है।
नई योजना में:
- फर्जी राशन कार्ड की पहचान आसान होगी
- राशन चोरी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी
- लाभार्थियों को पूरा हक मिल सकेगा
- वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एफसीआई (FCI) गोदाम से लेकर राशन दुकान और अंतिम लाभार्थी तक पूरे सिस्टम को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
AI और ब्लॉकचेन तकनीक का होगा इस्तेमाल
‘सार्थक-पीडीएस’ योजना में पहली बार आधुनिक तकनीकों का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- मशीन लर्निंग
- नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP)
ब्लॉकचेन तकनीक
इन तकनीकों की मदद से सिस्टम खुद पहचान सकेगा कि:
- कहां राशन वितरण धीमा है
- कहां अनाज की चोरी हो रही है
- कहां फर्जीवाड़े की आशंका है
इसके अलावा राज्यों में रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाए जाएंगे, जहां पूरे पीडीएस नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी।
राशन डीलरों के लिए भी अच्छी खबर
नई योजना में राशन दुकानदारों और राज्यों को आर्थिक राहत देने का भी प्रावधान रखा गया है। कई राज्यों को एफसीआई गोदाम से अंतिम वितरण केंद्र तक अनाज पहुंचाने में आर्थिक परेशानी हो रही थी।अब:
- केंद्र सरकार अतिरिक्त आर्थिक सहायता देगी
- राशन डीलरों का कमीशन बढ़ाया जाएगा
- वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा
लंबे समय से राशन डीलर कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार का मानना है कि अंतिम व्यक्ति तक सही तरीके से राशन पहुंचाने के लिए डीलरों और राज्यों को आर्थिक रूप से मजबूत करना जरूरी है।
2031 तक लागू रहेगी योजना
सरकार ने पुरानी दो योजनाओं को मिलाकर एक नई एकीकृत प्रणाली तैयार की है, जिसका नाम ‘सार्थक-पीडीएस’ रखा गया है। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।सरकार का दावा है कि इससे देश की राशन व्यवस्था अधिक भरोसेमंद, तेज और तकनीक आधारित बनेगी तथा गरीबों तक अनाज पहुंचाने में पारदर्शिता बढ़ेगी।











