ISCKON : 10 करोड़ से अधिक महामंत्र जप का लक्ष्य
महाराष्ट्र खबर 24,अमरावती. इस्कॉन अमरावती में श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश जी के भव्य मंदिर निर्माण को लेकर भक्तों ने एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संकल्प लिया है। भगवान बलराम जी के प्राकट्य दिवस यानी बलराम पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मंदिर निर्माण की सेवा के लिए 1000 दिवसीय नाम-जप एवं नाम-संकीर्तन अनुष्ठान शुरू करने का संकल्प लिया गया। इस महायज्ञ के अंतर्गत 1000 दिनों में 10 करोड़ से अधिक हरे कृष्ण महामंत्र का जप भगवान की प्रसन्नता और श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश जी के भव्य मंदिर निर्माण की सेवा के लिए अर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अनंतशेष जी की स्थापना एवं शिलान्यास
इस्कॉन अमरावती के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश जी के प्रस्तावित भव्य मंदिर निर्माण के अंतर्गत अनंतशेष जी की स्थापना एवं शिलान्यास का पावन कार्य परम पूज्य संतों और वैष्णवों की उपस्थिति में संपन्न हुआ था। वैष्णव परंपरा में भगवान बलराम जी को आदि-गुरु तथा अनंतशेष जी के स्वरूप से जोड़ा जाता है। इसी कारण बलराम पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मंदिर निर्माण के लिए नाम-जप का यह विशेष संकल्प लिया गया।
4 माला अतिरिक्त जप करने का आग्रह
मंदिर निर्माण की इस आध्यात्मिक सेवा में अधिक से अधिक भक्तों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संकल्प के अनुसार 1000 दिनों तक अतिरिक्त महामंत्र जप और नाम-संकीर्तन किया जाएगा।

इस्कॉन की ओर से नियमित रूप से 16 माला जप करने वाले भक्तों से कम से कम 4 माला अतिरिक्त जप करने का विशेष आग्रह किया गया है। वहीं, जो भक्त अभी नियमित माला-जप नहीं करते हैं, वे भी अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माला-जप शुरू कर इस 1000 दिवसीय नाम-अनुष्ठान में सहभागी बन सकते हैं।
बलराम पूर्णिमा पर भक्तों ने किया 16 माला जप
इस पवित्र भूमि पर अनंतशेष जी के समक्ष बैठकर भक्तों ने 16 माला हरे कृष्ण महामंत्र का जप संपन्न किया। इसके साथ ही शाम के समय तीन घंटे के अखंड हरे कृष्ण महामंत्र नाम-संकीर्तन का आयोजन भी किया गया।भक्तों का मानना है कि मंदिर निर्माण केवल भौतिक निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि भगवान की सेवा और भक्ति का एक दिव्य अवसर है। इसी भावना के साथ नाम-जप को मंदिर निर्माण की सेवा से जोड़ा गया है।
25 मई 2029 को मंदिर उद्घाटन का संकल्प
इस्कॉन अमरावती ने श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश जी के भव्य मंदिर का उद्घाटन 25 मई 2029 को श्री रुक्मिणी द्वादशी के पावन पर्व पर करने का संकल्प व्यक्त किया है।इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले 1000 दिनों तक नाम-जप, नाम-संकीर्तन और भक्तों की सहभागिता के माध्यम से मंदिर निर्माण की सेवा को आगे बढ़ाने की योजना है।
भक्तों से महायज्ञ में शामिल होने की अपील
इस्कॉन अमरावती की ओर से सभी भक्तों से इस विशेष नाम-यज्ञ में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है। भक्तों से कहा गया है कि वे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रतिदिन महामंत्र का जप करें तथा अतिरिक्त जप को भगवान श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश जी के भव्य मंदिर निर्माण की सेवा में अर्पित करें।
भक्तों के लिए महामंत्र है-
हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे।।
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे।।
इस्कॉन अमरावती का यह 1000 दिवसीय नाम-अनुष्ठान आने वाले दिनों में मंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों को नाम-संकीर्तन और सामूहिक भक्ति से जोड़ने का माध्यम बनेगा। भक्तों से आज से ही संकल्प लेकर नियमित नाम-जप और नाम-संकीर्तन में सहभागी बनने की अपील की गई है।
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