महाराष्ट्र खबर 24,छत्रपति संभाजीनगर
महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलना अब अनिवार्य किया जा रहा है। इसी के तहत छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने शहर में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। जिन ड्राइवरों को मराठी बोलने में दिक्कत हो रही है, उन्हें 15 अगस्त के बाद मराठी भाषा की ट्रेनिंग दी जाएगी। रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर विजय कथोले ने बताया कि शहर में 1 मई से यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान रिक्शा और टैक्सी चालकों का सीधा इंटरव्यू लिया जा रहा है। उनसे मराठी में सवाल पूछे जा रहे हैं और यह भी जांचा जा रहा है कि वे यात्रियों से किस तरह बातचीत करते हैं।
30 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा ड्राइवर
RTO के अनुसार, 28 मई तक करीब 1,350 रिक्शा चालकों का निरीक्षण किया जा चुका है। जिले में कुल 30 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं, इसलिए आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।अधिकारियों का कहना है कि जिन चालकों को मराठी भाषा समझने या बोलने में कठिनाई होगी, उनके लिए 15 अगस्त के बाद विशेष मराठी प्रशिक्षण कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसका उद्देश्य यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना और स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना है।
सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी
विजय कथोले ने बताया कि जांच अभियान को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि निरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग के पास सीमित समय बचा है। प्रशासन का मानना है कि मराठी भाषा की जानकारी होने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।









