maharashtrakhabar24.in मुंबई /नागपुर
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा मंजूर किए गए नए ‘ओपन मेरिट रूल’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने इस नियम को आरक्षण और संविधान विरोधी बताते हुए सरकार पर दलित, आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया है।
ये है नया ‘ओपन मेरिट रूल’
महाराष्ट्र सरकार ने 14 मई को हुई कैबिनेट बैठक में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अनुसार, आरक्षित वर्ग के वे उम्मीदवार जिन्होंने आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव या प्रतियोगी परीक्षा में प्रयासों की संख्या जैसी किसी भी प्रकार की आरक्षण संबंधी छूट का लाभ लिया है, उन्हें केवल आरक्षित श्रेणी की सीटों के लिए ही पात्र माना जाएगा।
ऐसे उम्मीदवार यदि सामान्य (ओपन) श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक भी हासिल कर लें, तब भी उन्हें ‘ओपन मेरिट’ सीट पर चयन का लाभ नहीं मिलेगा।
पहले क्या व्यवस्था थी?
अब तक कई मामलों में यह व्यवस्था लागू थी कि यदि आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करता है, तो उसे ‘ओपन मेरिट’ सीट पर माना जाता था। इससे आरक्षित कोटे की सीटें अन्य जरूरतमंद उम्मीदवारों के लिए बच जाती थीं।
NCP का आरोप
NCP-SP के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि यह नियम संविधान की भावना के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इससे पिछड़े वर्गों, आदिवासियों और अन्य वंचित समुदायों के छात्रों और उम्मीदवारों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में कम अवसर मिलेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस पारदीवाला के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मेधावी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को, यदि वे सामान्य कट-ऑफ पार कर लेते हैं, तो उन्हें ओपन मेरिट में ही गिना जाना चाहिए, भले ही उन्होंने किसी प्रकार की आरक्षण छूट ली हो।
दलित-पिछड़े वर्ग कैसे होंगे प्रभावित?
1. आरक्षित सीटें जल्दी भर सकती हैं
- जो उम्मीदवार मेरिट से ओपन सीट पा सकते थे, वे अब आरक्षित सीटों में गिने जाएंगे। इससे अन्य आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के अवसर कम हो सकते हैं।
2. प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
- SC, ST, OBC और अन्य आरक्षित वर्गों के भीतर प्रतिस्पर्धा और अधिक बढ़ सकती है।
3. शिक्षा और नौकरी में असर
- कॉलेज एडमिशन और सरकारी नौकरियों में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सीटों की वास्तविक संख्या घटने जैसी स्थिति बन सकती है।
भाजपा पर आरक्षण विरोधी एजेंडा का आरोप
NCP ने भाजपा पर आरक्षण विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार धीरे-धीरे आरक्षण की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस विवाद पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









