रमेश सोलंकी, आसिफाबाद / चंद्रपुर
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक बार फिर बाघ का आतंक देखने को मिला है। तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गईं चार महिलाओं की बाघिन के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
जंगल में अचानक हमला, चीख-पुकार से दहला इलाका
जानकारी के अनुसार, सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही गांव के भट्टी मोहल्ले की 13 महिलाएं रोज की तरह खैरीचक जंगल में तेंदूपत्ता और सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं। दोपहर के समय महिलाएं अलग-अलग जगहों पर काम कर रही थीं, तभी झाड़ियों में छिपी एक आदमखोर बाघिन ने अचानक हमला कर दिया।
हमला इतना तेज था कि बाकी महिलाएं कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही बाघिन ने चार महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद जंगल में अफरा-तफरी मच गई और महिलाएं जान बचाकर भागीं।घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठियां लेकर जंगल की ओर दौड़े, जिसके बाद बाघिन शव छोड़कर जंगल में भाग गई।
मृतक महिलाओं की पहचान
हमले में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान इस प्रकार हुई है:
- कविता दादाजी मोहुरले (45)
- अनीता दादाजी मोहुरले (46)
- संगीता संतोष चौधरी (40)
- सुनीता कौशिक मोहुरले (35)
वन विभाग पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदूपत्ता संकलन सीजन के दौरान जंगलों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, इसके बावजूद वन विभाग ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।
ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं:
- जंगल में गश्त क्यों नहीं बढ़ाई गई?
- संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी और सुरक्षा टीम क्यों तैनात नहीं थी?
- पहले से बाघ की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
“सिर्फ चेतावनी से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती”
घटना के बाद वन विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पंचनामा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने ग्रामीणों को फिलहाल जंगल में न जाने की चेतावनी दी है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी जंगल पर निर्भर है और केवल चेतावनी जारी कर देना समाधान नहीं है। लोगों ने जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और आदमखोर बाघिन को जल्द पकड़ने की मांग की है।
45°C की गर्मी से जंगलों से बाहर आ रहे बाघ
विदर्भ क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण वन्यजीवों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। चंद्रपुर के अलावा भंडारा जिले के जवाहरनगर आयुध कारखाना (OFB) परिसर में भी बाघ खुलेआम सड़क पर घूमता दिखाई दिया।
एक राहगीर द्वारा बनाए गए वीडियो में बाघ गर्मी से राहत पाने के लिए सड़क किनारे पानी के छोटे गड्ढे में बैठा नजर आया। विदर्भ में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे पानी और ठंडक की तलाश में वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं।इलाके में दहशत, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद चंद्रपुर और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। वन विभाग ने गश्त बढ़ाने और बाघिन की तलाश के लिए विशेष टीम तैनात करने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जंगल में जाने वाले लोगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और तत्काल सहायता की ठोस व्यवस्था की जाए।










