महाराष्ट्र खबर 24,नई दिल्ली: दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में जहां कुल 21 लोगों की मौत हो गई, वहीं दो परिवारों की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। एक परिवार में बच्चे के जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गईं, तो दूसरे परिवार के आठ सदस्य एक साथ काल के गाल में समा गए।
दिल्ली के मालवीय नगर में आग ने 20+ लोगों की जान ले ली, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी थे।
फायर स्टेशन सिर्फ 3 मिनट दूर, लेकिन मदद पहुंचने में 45 मिनट लग गए। यह सिर्फ हादसा नहीं, सिस्टम की नाकामी है।
भारत की छवि को भारी नुकसान हुआ।#BJPBringsGlobalShame pic.twitter.com/Cqww4V4449— चयन 🇮🇳 (@Tweet2Chayan) June 3, 2026
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जन्मदिन की खुशी बन गई जिंदगी का सबसे बड़ा दुख
विवेक विहार निवासी दीपक जैन अपने बड़े बेटे अनंत का छठा जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। एक दिन पहले ही वह अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ मानेसर पहुंच गए थे, जहां जन्मदिन की पार्टी आयोजित की जानी थी।दीपक के परिवार के अन्य सदस्य-पिता अरविंद जैन, मां अनीती जैन, भाई निशांत जैन, भाभी अंचल जैन और उनका एक वर्षीय बेटा आकाश-बाद में पार्टी में शामिल होने वाले थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आग लगने की घटना में इन पांचों की मौत हो गई।रिश्तेदारों का कहना है कि अगर वे भी दीपक के साथ एक दिन पहले मानेसर चले गए होते तो शायद आज पूरा परिवार सुरक्षित होता। जन्मदिन की तैयारियों में जुटा दीपक अगले ही दिन शवगृह में अपने परिजनों की पहचान करता नजर आया।
एक झटके में खत्म हो गया पूरा परिवार
हादसे की दूसरी सबसे दर्दनाक कहानी गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल के परिवार की है। विवेक अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली आए थे। उनके पिता मैक्स अस्पताल में भर्ती थे।घटना वाले दिन परिवार के कई रिश्तेदार भी उनसे मिलने पहुंचे थे। लेकिन आग की चपेट में आने से विवेक अग्रवाल, उनकी बड़ी बेटी जीविशा, उनकी मां, मामा, मौसा-मौसी समेत परिवार के कुल 8 सदस्यों की मौत हो गई।जीविशा बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी और अगले दिन उसकी परीक्षा थी। परिवार के लोग एक साथ रुके हुए थे और भोजन के लिए होटल के रेस्टोरेंट में पहुंचे थे, तभी आग ने विकराल रूप ले लिया।
बिना फायर NOC चल रहा था होटल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस होटल में यह हादसा हुआ, वह फायर NOC के बिना संचालित किया जा रहा था। सुबह करीब 8:50 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और दर्जनों लोगों को रेस्क्यू किया।
21 लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर
इस भीषण अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में भारतीयों के अलावा कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
पूरे देश को झकझोर देने वाला हादसा
यह हादसा केवल एक आग की घटना नहीं, बल्कि उन परिवारों की अधूरी कहानियों का दर्द है, जो कुछ घंटे पहले तक जन्मदिन, मुलाकात और पारिवारिक खुशियों की योजनाएं बना रहे थे। एक परिवार का जन्मदिन कभी नहीं मन पाया, तो दूसरे परिवार के कई सदस्य हमेशा के लिए बिछड़ गए। दिल्ली का यह अग्निकांड लंबे समय तक लोगों के दिलों में दर्द की एक गहरी छाप छोड़ जाएगा।












