EPFO News : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी कर रहा है। संगठन एक सार्वभौमिक भविष्य निधि (Universal PF Scheme) शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत ऐसे लोग भी पीएफ खाते में योगदान कर सकेंगे, जो अभी तक EPFO की मौजूदा व्यवस्था से बाहर हैं।इस प्रस्तावित योजना में फ्रीलांसर, डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, स्वरोजगार करने वाले लोग, सलाहकार (Consultants) और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल किए जा सकते हैं।
EPFO News : कमाई के अनुसार जमा कर सकेंगे PF
नई योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लचीली (Flexible) व्यवस्था होगी। सदस्य अपनी आय के अनुसार पीएफ में रकम जमा कर सकेंगे। वे चाहें तो रोजाना, हर महीने या साल में एक बार भी अपनी सुविधा के अनुसार अंशदान कर पाएंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जिनकी आय नियमित नहीं रहती।
कर (Tax) में भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित योजना के तहत मौजूदा EPF की तरह ही सालाना 2.5 लाख रुपये तक के अंशदान और उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट का लाभ मिलने की संभावना है।इसके अलावा निकासी नियमों को भी अधिक सरल बनाया जा सकता है। सदस्य सेवानिवृत्ति के बाद भी अपनी पूरी राशि EPFO में सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत के अनुसार किस्तों में पैसा निकालने (Systematic Withdrawal) का विकल्प भी मिल सकता है।
सरकार नहीं करेगी वित्तीय योगदान
इस योजना में सरकार की ओर से किसी प्रकार का वित्तीय योगदान नहीं होगा। हालांकि, अभी तक इस योजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन EPFO ने इसके लिए आवश्यक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का टेंडर जारी कर दिया है। मंजूरी मिलने के बाद यह योजना करोड़ों असंगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का बड़ा माध्यम बन सकती है।
‘विश्वास 2026’ योजना भी लागू
इसी बीच EPFO ने नियोक्ताओं और संगठन के बीच पीएफ अंशदान में देरी से जुड़े पुराने विवादों को समाप्त करने के लिए ‘विश्वास 2026’ नामक एकमुश्त विवाद समाधान योजना शुरू की है।श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार यह योजना 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है और छह महीने तक प्रभावी रहेगी।इस योजना के तहत पीएफ जमा करने में हुई देरी पर लगने वाली क्षतिपूर्ति (Damages) की गणना पहले की तुलना में कम दरों पर की जाएगी। इससे नियोक्ताओं को राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
- फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स को पहली बार PF जैसी सामाजिक सुरक्षा मिल सकती है।
- आय के अनुसार लचीला अंशदान करने की सुविधा मिलेगी।
- टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।
- सेवानिवृत्ति के बाद व्यवस्थित निकासी का विकल्प मिल सकता है।
- ‘विश्वास 2026’ से पुराने विवाद सुलझने पर कर्मचारियों का बकाया PF जल्द खातों में आने की उम्मीद बढ़ेगी।

यदि यह योजना अंतिम रूप लेती है, तो यह भारत के असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
(नोट: यूनिवर्सल PF योजना को अभी केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।)
Source: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, EPFO
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