Rapido : महाराष्ट्र में बिना वैध अनुमति संचालित की जा रही Rapido (रैपिडो) बाइक टैक्सी सेवा के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए छत्रपति संभाजीनगर में पहला आपराधिक मामला दर्ज कराया है। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनधिकृत और असुरक्षित बाइक टैक्सी सेवा का उपयोग न करें, क्योंकि यह नियमों के विरुद्ध है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।
Rapido :परिवहन विभाग की कार्रवाई तेज
मेट्रोपॉलिटन परिवहन विभाग के अनुसार, Rapido (Roppen Transportation Services Pvt. Ltd.) द्वारा शहर में बिना आवश्यक अनुमति के बाइक टैक्सी सेवा संचालित की जा रही थी। इस मामले में वेदांतनगर पुलिस थाने में बुधवार (29 जुलाई) को कंपनी के खिलाफ पहला मामला दर्ज कराया गया।
जांच में सामने आई अनधिकृत सेवा
मोटर वाहन निरीक्षक अभिजीत तेली ने 21 और 22 जुलाई को Rapido ऐप के माध्यम से बाइक बुक कर जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि निजी दोपहिया वाहनों का उपयोग यात्रियों को किराये पर ले जाने के लिए किया जा रहा था, जो मोटर वाहन कानूनों का उल्लंघन है। इसके बाद संबंधित बाइक चालक और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
कंपनी के अधिकारियों पर भी मामला
पुलिस में दर्ज शिकायत में कंपनी के निदेशक श्रेयकेश एस. आर., प्रबंधक पवन गुडुपल्ली तथा अधिकारी अरविंद संका के नाम भी शामिल किए गए हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से शहर में अवैध यात्री परिवहन सेवा संचालित की जा रही थी।
पहले भी मिल चुका था झटका
जानकारी के अनुसार, Rapido द्वारा बाइक टैक्सी संचालन के लिए दिया गया लाइसेंस आवेदन पहले ही परिवहन आयुक्त द्वारा खारिज किया जा चुका था। इसके अलावा 13 अक्टूबर 2023 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सेवा बंद करने के निर्देश दिए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी।
नागरिकों से अपील
परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का ही उपयोग करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









