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धाराशिव में गणपति की मूर्ति की आंख से पानी निकलने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; जानें संभावित कारण

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Ganpati: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के भूम तालुका स्थित पाथरूड गांव के ऐतिहासिक गणपति मंदिर में एक अनोखी घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामस्थों का दावा है कि मंदिर में स्थापित पत्थर की गणपति मूर्ति की एक आंख से लगातार पानी की बूंदें टपक रही हैं। इस घटना की खबर फैलते ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। गणपति की मूर्ति की आंख से लगातार पानी निकलता देखकर कई लोग इसे दैवी चमत्कार मान रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे लेकर आशंकित भी हैं। हालांकि, अभी तक इस घटना के चमत्कार होने की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।

Ganpati:एक आंख से लगातार टपक रहा पानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गणपति की मूर्ति की एक आंख से पानी की एक–एक बूंद लगातार गिर रही है। दावा किया जा रहा है कि मूर्ति पर लेपन किए जाने के बाद भी आंख से पानी निकलता दिखाई दे रहा है। इस घटना को देखकर मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग भी हैरान हैं। घटना की जानकारी आसपास के गांवों में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पाथरूड स्थित गणपति मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर में लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है और लोग अपने मोबाइल फोन से इस घटना का वीडियो भी बना रहे हैं।

39 साल पहले गणपति के दूध पीने की हुई थी चर्चा

गणपति की मूर्ति से जुड़ी ऐसी घटनाएं पहले भी देश में चर्चा का विषय रही हैं। करीब 39 वर्ष पहले गणपति की मूर्तियों द्वारा दूध पीने की खबरों ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी। उस समय बड़ी संख्या में लोगों ने गणपति की मूर्तियों को दूध पिलाने का प्रयास किया था और इसे दैवी चमत्कार बताया गया था। बाद में वैज्ञानिकों ने इस घटना के पीछे सतही तनाव (Surface Tension) और केशिकीय क्रिया (Capillary Action) जैसे प्राकृतिक कारणों की व्याख्या की थी। अब धाराशिव के पाथरूड में गणपति की मूर्ति की आंख से पानी निकलने की घटना सामने आने के बाद एक बार फिर चमत्कार और विज्ञान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

क्या मूर्ति से पानी निकलने के पीछे प्राकृतिक कारण हो सकता है?

मूर्ति की आंख से पानी निकलने के पीछे कई प्राकृतिक कारण हो सकते हैं। पत्थर की संरचना में मौजूद सूक्ष्म छिद्रों के भीतर नमी या पानी जमा होना, मंदिर के वातावरण में अधिक आर्द्रता, तापमान में बदलाव या पत्थर की सतह पर संघनन (Condensation) इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि, केवल वीडियो या आंखों से देखकर किसी एक कारण को निश्चित नहीं माना जा सकता। इसके लिए मूर्ति, पत्थर की संरचना, आसपास के वातावरण और पानी के स्रोत की वैज्ञानिक जांच आवश्यक होगी।

चमत्कार या प्राकृतिक घटना? जांच के बाद होगा स्पष्ट

गणेश उत्सव से ठीक पहले सामने आई इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर इसे चमत्कार माना जा रहा है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में पानी कहां से आ रहा है और लगातार आंख से बूंदें निकलने का कारण क्या है। विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक परीक्षण और स्थल की जांच के बाद ही इस घटना के पीछे का वास्तविक कारण सामने आ सकता है। फिलहाल पाथरूड का गणपति मंदिर इस अनोखी घटना के कारण धाराशिव जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध स्थानीय दावों और प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना के चमत्कार होने की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। हम किसी भी प्रकार की अंधश्रद्धा को बढ़ावा या समर्थन नहीं देते।

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