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Drought Alert: संभाजीनगर महाराष्ट्र में सबसे गर्म, 38.2°C पहुंचा पारा; पानी का संकट बढ़ा

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Drought Alert:महाराष्ट्र खबर 24,छत्रपति संभाजीनगर : शहर  में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को शहर महाराष्ट्र में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा, यानी रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

गर्मी की वजह से सुनसान पड़ीं शहर की सड़कें।

गर्मी बढ़ने के साथ मराठवाड़ा में पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। बारिश की कमी के कारण जलस्रोतों पर दबाव बढ़ गया है। संभाजीनगर में जायकवाड़ी बांध होने के बावजूद कई गांवों में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। कुएं और बावड़ियां सूखने लगी हैं, जबकि कई जगहों पर नलों से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा तापमान

Drought Alert : गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो महाराष्ट्र में सबसे अधिक रहा। 

   दोपहर को आग बरसाता सूरज

विदर्भ का अमरावती 37.6 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।पिछले तीन दिनों में तापमान में 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी ने गर्मी का असर साफ दिखा दिया है। खास बात यह है कि न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहने से रात भी अपेक्षाकृत गर्म हो गई है।

38% बारिश की कमी

मराठवाड़ा में इस समय बारिश की कमी बड़ी चिंता बनी हुई है। संभाग में बारिश सामान्य से करीब 38 प्रतिशत कम है। इसका असर अब सीधे पेयजल व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है।पानी की कमी वाले गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले सिर्फ दस दिनों में टैंकरों की संख्या 50 से ज्यादा बढ़ी है। फिलहाल पानी की कमी से प्रभावित 157 गांवों और 103 अन्य बस्तियों में कुल 295 टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है।

जुलाई में घटे थे टैंकर, अब फिर बढ़ने लगे

गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही मराठवाड़ा के सभी आठ जिलों में अलग-अलग चरणों में टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू की गई थी। जुलाई के आखिरी सप्ताह में परभणी को छोड़कर संभाग के सात जिलों के 257 गांवों और 130 वार्डों में 428 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा था।जुलाई में हुई बारिश के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में टैंकरों की संख्या में कमी आई थी। लेकिन इसके बाद अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण पानी की समस्या दोबारा गंभीर होने लगी। अब बढ़ती गर्मी ने इस संकट को और बढ़ा दिया है।

553 निजी कुओं का अधिग्रहण

पानी की संभावित कमी को देखते हुए मराठवाड़ा के हिंगोली और नांदेड़ को छोड़कर बाकी छह जिलों में निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है। 30 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 553 निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है।इनमें छत्रपति संभाजीनगर में 41, जालना में 24, परभणी में 3, बीड में 60, लातूर में 230 और धाराशिव में 195 कुएं शामिल हैं।एक तरफ संभाजीनगर में तापमान 38.2 डिग्री तक पहुंचकर महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा रहा है, तो दूसरी तरफ मराठवाड़ा में बारिश की कमी के कारण पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी और पेयजल की उपलब्धता दोनों पर नजर रहेगी।        

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