मेरठ से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क, कोडनेम और रेकी के जरिए हमले की थी तैयारी
नई दिल्ली/लखनऊ : उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में था और देश के संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। एटीएस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शाकिब से रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। उसे निर्देश दिए गए थे कि किसी भी हाल में सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचते हुए नेटवर्क का विस्तार किया जाए। इस कथित मिशन को “गजवा-ए-हिंद” नाम दिया गया था।
हिंदू युवकों की भर्ती, कोडनेम का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल ने शक से बचने के लिए हिंदू युवकों को अपने साथ जोड़ा। इन युवकों को अलग-अलग कोडनेम दिए गए थे। लोकेश को ‘सलीम’ और विकास को ‘जाहिद’ नाम दिया गया था। बताया जा रहा है कि धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता था।
हमले की थी बड़ी साजिश
ATS के अनुसार, आरोपी रेलवे सिग्नल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने और गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रकों में आग लगाने जैसी साजिश रच रहे थे। लखनऊ रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों को संभावित टारगेट के रूप में चुना गया था।
कौन-कौन गिरफ्तार?
इस मामले में मेरठ निवासी शाकिब उर्फ ‘डेविल’ समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों में गौतम बुद्ध नगर के विकास घेलावत (27), लोकेश उर्फ पपला पंडित (19) और अरबाब (20) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शाकिब और अरबाब पड़ोसी हैं।
विदेशी कनेक्शन भी आया सामने
जांच एजेंसियों का कहना है कि दुबई में बैठा आकिब नाम का शख्स इस नेटवर्क को हैंडल करने में मदद कर रहा था और पाकिस्तान के हैंडलर्स से संपर्क स्थापित करवा रहा था। आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, कुछ दस्तावेज और पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।फिलहाल एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आशंका है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।









