रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित हाउसिंग बोर्ड ऋण घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में आवास संघ के पूर्व प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 7 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।यह मामला आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर से जुड़ा है, जिसमें 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये का फर्जी ऋण स्वीकृत कराया गया था। इस तरह कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक की राशि का गबन किया गया।
ACB की कार्रवाई, लंबे समयसे था फरार
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 4 अप्रैल 2026 को भोपाल से प्रदीप निखरा को हिरासत में लिया। वह लंबे समय से फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि निखरा सहकारी आवास संघ से जुड़ा प्रमुख आरोपी है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले 18 मार्च 2026 को थावरदास माधवानी और बसंत कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, दो अन्य नामजद आरोपियों की पहले ही मौत हो चुकी है।
जांच में सामने आई बड़ी धोखाधड़ी
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि 1995 से 1998 के बीच सरकारी आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को मकान बनाने के लिए लोन दिया जाता था। इसी योजना का फायदा उठाकर आरोपियों ने 186 लोगों के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कराए। हैरानी की बात यह रही कि जिन जगहों पर मकान बनने की बात कही गई थी, वहां न तो कोई निर्माण मिला और न ही कथित लाभार्थी मौजूद थे। इससे साफ हुआ कि फर्जी दस्तावेज और नकली प्रमाणपत्रों के जरिए पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और रिमांड के दौरान आरोपी से और अहम खुलासों की उम्मीद है।