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Amravati ; चाय की दुकान पर अनोखा ‘सियासी मुकाबला’ : कट चाय से कांग्रेस, फुल चाय से बीजेपी की पहचान , जानें कीमत और किसकी है ज्यादा डिमांड

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Amravati ; चाय की दुकान पर अनोखा ‘सियासी मुकाबला’.महाराष्ट्र  खबर 24,अमरावती. महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित मंगलम कैफे इन दिनों अपनी अनोखी चाय और नामकरण को लेकर चर्चा में है। आमतौर पर चाय के नाम उसके स्वाद, आकार या बनाने के तरीके के आधार पर रखे जाते हैं, लेकिन इस कैफे में चाय के नाम ही राजनीतिक दलों के नाम पर हैं। यहां आने वाले ग्राहक ‘कांग्रेस’ और ‘बीजेपी’ के नाम से चाय ऑर्डर करते हैं। मंगलम कैफे की खासियत यह है कि यहां मिलने वाली कट या हाफ चाय को ‘कांग्रेस’ कहा जाता है, जबकि फुल कप चाय का नाम ‘बीजेपी’ रखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक नामों वाली इन चायों की अपनी अलग कीमत और ग्राहक वर्ग भी है।

 ‘कांग्रेस’ सबसे ज्यादा लोकप्रिय

कैफे में ‘कांग्रेस’ यानी कट या हाफ चाय की कीमत महज 5 रुपये है। कम कीमत और छोटी मात्रा के कारण इसकी मांग काफी ज्यादा बताई जाती है। कैफे पर आने वाला लगभग हर वर्ग का व्यक्ति इसे पसंद करता है और कई ग्राहक नियमित रूप से ‘कांग्रेस’ चाय का ऑर्डर करते हैं। वहीं दूसरी तरफ ‘बीजेपी’ यानी फुल चाय की कीमत 25 रुपये है। इसे कैफे में वीआईपी ग्राहकों की पसंद बताया जाता है। फुल कप होने के कारण इसकी कीमत ‘कांग्रेस’ से काफी अधिक है।

राजनीति से जोड़कर रखा गया अनोखा नाम

Amravati ; चाय की दुकान पर अनोखा ‘सियासी मुकाबला’मंगलम कैफे की इस अनोखी व्यवस्था ने चाय को लेकर होने वाली सामान्य बातचीत को भी राजनीतिक रंग दे दिया है। ग्राहक यहां पहुंचकर यह नहीं कहते कि उन्हें हाफ चाय या फुल चाय चाहिए, बल्कि सीधे कहते हैं-‘कांग्रेस देना  या बीजेपी?’हालांकि, चाय के इन नामों का कैफे के राजनीतिक समर्थन या किसी पार्टी की आधिकारिक गतिविधि से कोई संबंध होना जरूरी नहीं है। यह मुख्य रूप से ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने वाला एक अनोखा नामकरण है, जिसने कैफे को स्थानीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है।

नवनीत राणा के क्षेत्र में चर्चा का विषय

मंगलम कैफे की यह अनोखी चाय अरावती क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह वही राजनीतिक क्षेत्र है जहां से नवनीत राणा का राजनीतिक जुड़ाव रहा है और वे बीजेपी के समर्थन के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में चाय के नाम ‘कांग्रेस’ और ‘बीजेपी’ होने के कारण इस कैफे की कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है।

रेलवे स्टेशन के सामने होने के कारण यहां यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में चाय पीने पहुंचते हैं। राजनीतिक दलों के नाम पर चाय का यह अनोखा कॉम्बिनेशन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

चाय की कीमत से ज्यादा चर्चा नाम की

मंगलम कैफे की कहानी यह बताती है कि छोटे से छोटे कारोबार में भी अनोखा आइडिया लोगों का ध्यान खींच सकता है। 5 रुपये की ‘कांग्रेस’ और 25 रुपये की ‘बीजेपी’ सिर्फ चाय के नाम नहीं रह गए हैं, बल्कि कैफे की पहचान बन चुके हैं।अब यहां चाय पीने आने वाले कई ग्राहक स्वाद के साथ-साथ इस अनोखे नामकरण का अनुभव भी लेना चाहते हैं। यही वजह है कि अरावती रेलवे स्टेशन के सामने स्थित यह छोटा सा कैफे स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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