बांध में सिर्फ 5% पानी , 15 दिन का ही पानी शेष
जालना से दिव्या जोशी की स्पेशल रिपोर्ट : भोकरदन शहर को जलापूर्ति करने वाले जुई प्रकल्प में महज 5 प्रतिशत पानी शेष है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले 15 दिनों में शहर में टैंकरों से पानी पहुंचाने की नौबत आने की आशंका है। पानी का आरक्षित भंडार सुरक्षित रखने और चोरी रोकने के लिए बांध परिसर में पुलिस तथा जलसंपदा विभाग की ओर से गश्त शुरू कर दी गई है।
पेयजल संकट गंभीर होने की आशंका
भोकरदन जलसंकट :सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन खामगल ने बताया कि उपलब्ध जल को सुरक्षित रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। जालना जिले के भोकरदन और घनसावंगी तहसील में आने वाले दिनों में पेयजल संकट गंभीर होने की आशंका है।भोकरदन जलसंकट : इस बीच, बढ़ते तापमान के कारण जलाशयों में तेजी से हो रहे वाष्पीकरण को रोकने की मांग भी जोर पकड़ रही है। विधायक राणाजगजीतसिंह पाटील ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को पत्र भेजकर जलाशयों में वाष्पीकरण कम करने के लिए पानी पर अस्तरीकरण तथा रसायनों के प्रयोग के प्रायोगिक प्रकल्प शुरू करने की मांग की है।
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धामणा डैम में भी पानी नहीं
भोकरदन के पूर्व नगराध्यक्ष राजेंद्र देशमुख ने बताया कि करीब 40 हजार की आबादी वाले शहर में फिलहाल केवल 15 दिनों का पानी उपलब्ध है। पहले टैंकरों के लिए धामणा प्रकल्प से पानी लिया जाता था, लेकिन वहां भी अब पानी उपलब्ध नहीं है।विधायक पाटील के अनुसार, जलाशयों में वाष्पीकरण कम करने वाली तकनीक उपलब्ध है। तापमान, हवा की गति, आर्द्रता, जलाशय का क्षेत्रफल, पानी की गुणवत्ता और स्थानीय मौसम का अध्ययन कर इसका प्रयोग किया जाए तो संकट के समय जलसाठे को कुछ अतिरिक्त दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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