छत्रपति संभाजीनगर | महाराष्ट्र खबर 24
नाशिक के चर्चित TCS धर्मांतरण प्रकरण की मुख्य आरोपी निदा खान को कथित रूप से शरण देने के आरोपों में घिरे AIMIM कॉर्पोरेटर मतीन पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने उनके दो मकानों और एक कार्यालय को लेकर नोटिस जारी किया है। यदि निर्धारित समय में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है।
किन संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी?
नगर निगम ने जिन संपत्तियों को नोटिस भेजा है, उनमें शामिल हैं
- नारेगांव के कौसर पार्क स्थित मकान
- बिस्मिल्ला कॉलोनी स्थित दूसरा घर
- मेन रोड पर स्थित कार्यालय
प्राथमिक जांच में इन निर्माणों के संबंध में वैध अनुमति दस्तावेजों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
तीन दिन में दस्तावेज जमा करने का निर्देश
महापौर समीर राजुरकर के निर्देश पर शनिवार, 9 मई को नोटिस जारी किया गया। मतीन पटेल को तीन दिनों के भीतर निम्न दस्तावेज जमा करने को कहा गया है:
- जमीन के स्वामित्व के कागजात
- भवन निर्माण स्वीकृति
- संबंधित वैधानिक अनुमति पत्र
यदि समय सीमा के भीतर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो महानगरपालिका इन्हें अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकती है।
निदा खान को शरण देने का आरोप
पुलिस जांच में आरोप है कि नाशिक TCS मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को मतीन पटेल ने अपने एक मकान में ठहराया था। इस आरोप के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ गया है।
ओवैसी ने किया बचाव
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मतीन पटेल अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और कानून के अनुसार मामले का सामना करेंगे।
अवैध बैनरों पर भी कार्रवाई
ओवैसी के स्वागत में लगाए गए कुछ कथित अवैध बैनरों पर मतीन पटेल और रहीम पटेल की तस्वीरें लगी थीं। महानगरपालिका की टीम ने रात में इन बैनरों को हटाया।
राजनीतिक हलचल तेज
निदा खान प्रकरण के बाद छत्रपति संभाजीनगर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतीन पटेल निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं या नगर निगम ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है।
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