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₹4 प्रति किलो दाम, किसान को 25 क्विंटल टमाटर फेंकने पड़े,ट्रांसपोर्ट लागत भी नहीं निकलने से किसान की मजबूरी

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ट्रांसपोर्ट लागत भी नहीं निकलने से किसान की मजबूरी

महाराष्ट्र में टमाटर की गिरती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के एक किसान को महज ₹4 प्रति किलो का भाव मिलने के कारण अपनी करीब 25 क्विंटल टमाटर की फसल फेंकनी पड़ी। किसान का कहना है कि मौजूदा रेट इतने कम हैं कि मंडी तक टमाटर ले जाने का ट्रांसपोर्ट खर्च भी नहीं निकल पा रहा। ऐसे में फसल बेचने के बजाय उसे नष्ट करना ही मजबूरी बन गया। विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों में कीमत गिरने पर किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी सुविधाओं की कमी के कारण किसान बाजार के उतार-चढ़ाव के सामने कमजोर पड़ जाते हैं।

बाजार और नीति पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र में मूल्य स्थिरता, सप्लाई चेन और किसानों को उचित दाम दिलाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।कम कीमत और बढ़ती लागत के बीच फंसे किसान के लिए यह स्थिति गंभीर चुनौती बनती जा रही है, जहां मेहनत के बावजूद उचित मुनाफा मिलना मुश्किल हो रहा है।

इधर….कृषि मंत्री क्या कह रहे हैं?

मैं भारत का कृषि मंत्री शिवराज चौहान जिम्मेवारी से कह रहा हूं कि किसानों की आमदनी दोगुनी हुई है, 3 गुना भी हुई है, चौगुनी भी हुई है, 8 गुना भी हुई है। MSP मिलता नहीं, आलू प्याज फैंके जा रहे हैं, किसान रोज आत्म हत्या कर रहे हैं, और मंत्री जी किसानों की आमदनी 8 गुना बता रहे हैं।

 

 

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