महाराष्ट्र खबर 24, मुंबई.
महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने उपभोक्ताओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि स्टिंग, रेड बुल, पेप्सिको समेत 10-12 कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। इन कंपनियों को अपने उत्पादों पर “एनर्जी ड्रिंक” शब्द लिखने को लेकर नोटिस भेजा गया है, क्योंकि खाद्य सुरक्षा कानून में “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई अलग श्रेणी मौजूद नहीं है।
‘एनर्जी ड्रिंक’ लिखने पर आपत्ति

मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तुकाराम मुंढे ने कहा कि बाजार में बिकने वाले तथाकथित “एनर्जी ड्रिंक्स” पर “एनर्जी ड्रिंक” लिखना नियमों के अनुरूप नहीं है। FDA ने 30 जून को संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य एवं औषधि कानून के Annexure-A में खाद्य पदार्थों की श्रेणियां निर्धारित हैं, लेकिन उसमें “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई श्रेणी शामिल नहीं है। मुंढे ने कहा कि आदेश लागू होने के बाद भविष्य में कंपनियां इस तरह का लेबल इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी।
विधानसभा में भी उठा स्टिंग का मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा में भी स्टिंग ड्रिंक को लेकर सवाल उठाया गया। श्रीगोंदा के विधायक विक्रम पाचपुते और दौंड के विधायक राहुल कुल ने बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।विक्रम पाचपुते ने पूछा कि क्या स्टिंग के अत्यधिक सेवन से अहमदनगर जिले में एक बच्चे की मौत हुई है? इस पर मंत्री नरहरी झिरवाल ने कहा कि सरकार के संज्ञान में ऐसी पुष्टि नहीं आई है।हालांकि मंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2024 और जनवरी 2025 में स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच, सैंपल लेने और भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
स्कूलों के 500 मीटर दायरे में सख्ती
तुकाराम मुंढे ने बताया कि जल्द ही ऐसा विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें यह तय होगा कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में कौन-सी खाद्य एवं पेय वस्तुएं बेची जा सकती हैं और कौन-सी नहीं।
अब दूध कारोबारियों पर भी शिकंजा
सेव फूड, सेव ड्रग” अभियान के तहत FDA ने अब राज्य के दूध और दुग्ध उत्पाद कारोबारियों के लिए भी कड़े नियम लागू करने की घोषणा की है।
नई गाइडलाइन के दायरे में शामिल होंगे
1.दूध संग्रहण केंद्रदूध शीतकरण केंद्र
2. प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट
3. थोक और खुदरा दूध विक्रेता
4. पनीर, खोया, मक्खन, क्रीम, चीज और आइसक्रीम निर्माता एवं विक्रेता
नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द
तुकाराम मुंढे ने चेतावनी दी कि केवल कागजी प्रमाणपत्र दिखाने से काम नहीं चलेगा। होटलों की जांच के दौरान फर्जी पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र मिलने पर कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। इसी तरह यदि दूध कारोबारियों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।












