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गौ रक्षा सेवा संस्थान को मिला ₹1.11 लाख का सहयोग, 1200 से अधिक पशुओं की कर रहा सेवा

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जालौर से रमेश सोलंकी की रिपोर्ट

राजस्थान के जालौर जिले में पशु सेवा और संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गौ रक्षा सेवा संस्थान को समाज की ओर से लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में रविवार को बागरा स्थित जालंधरनाथ महादेव मंदिर की ओर से संस्थान को 1 लाख 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

इस अवसर पर शैतान सिंह, नरपत सिंह, आसाराम घांची, महिपाल सिंह, शंकर लाल अग्रवाल, हस्तीमल अग्रवाल, रमेश कुमार घांची और सुरेश कुमार प्रजापत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने संस्थान द्वारा किए जा रहे पशु सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

15 वर्षों से पशु सेवा में जुटा संस्थान

करीब 15 वर्ष पहले स्थापित गौ रक्षा सेवा संस्थान आज क्षेत्र में पशु संरक्षण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। संस्थान में लगभग 70 कर्मचारी कार्यरत हैं और हर माह करीब 40 लाख रुपये खर्च कर घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं की देखभाल की जाती है।

संस्थान की एंबुलेंस सेवा के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में घायल गाय, हिरण, खरगोश, मोर, कुत्ते तथा अन्य वन्य जीवों को लाकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में संस्थान में 1200 से अधिक गायों का उपचार और पालन-पोषण किया जा रहा है।

भामाशाहों के सहयोग से  संचालन

संस्थान के संचालकों के अनुसार उन्हें सरकार की ओर से अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। ऐसे में संस्थान का अधिकांश संचालन भामाशाहों, दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से ही संभव हो रहा है।

संचालकों का कहना है कि पशु सेवा और संरक्षण केवल सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सरकार को भी इस दिशा में अधिक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।

समर्पित टीम निभा रही जिम्मेदारी

संस्थान के संचालन और देखरेख में छगन माली, अर्जुन माली, सुदेश शाह और कैलाश सुथार सहित कई सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

इनके समर्पण और सेवा भाव के कारण संस्थान लगातार विस्तार करते हुए जरूरतमंद पशुओं तक सहायता पहुंचा रहा है।

समाज के लिए प्रेरणा बना संस्थान

गौ रक्षा सेवा संस्थान जालौर आज पशु सेवा और मानवीय संवेदनाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

समाज के सहयोग से संचालित यह संस्था न केवल घायल और बीमार पशुओं को नया जीवन दे रही है, बल्कि लोगों को जीवों के प्रति दया और संरक्षण का संदेश भी दे रही है।

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