Cockroach Janta Party Viral News: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ मजाक अब बड़े डिजिटल आंदोलन का रूप ले चुका है। छत्रपति संभाजीनगर के राजनीतिक संचार विशेषज्ञ अभिजीत दीपके द्वारा बनाई गई Cockroach Janta Party (CJP) ने महज 5 दिनों में इंस्टाग्राम पर 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में फर्जी डिग्री से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी में कहा था कि कुछ लोग “कॉकरोच की तरह” कानून, मीडिया और RTI जैसी व्यवस्थाओं में घुसपैठ कर रहे हैं। बाद में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में थी। लेकिन तब तक यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे अपने आत्मसम्मान से जोड़ लिया।
अभिजीत ने कैसे बनाई Cockroach Janta Party?
छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत दीपके, जो एक प्रोफेशनल पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट हैं, ने 16 मई को X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया-“अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?”इस पोस्ट को युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में Cockroach Janta Party (CJP) नाम से वेबसाइट और सदस्यता फॉर्म लॉन्च कर दिया।
5 दिन में रिकॉर्ड फॉलोअर्स
बुधवार शाम तक पार्टी के सोशल मीडिया आंकड़े
- Instagram: 60 लाख+ फॉलोअर्स
- X (Twitter): 1.26 लाख+ फॉलोअर्स
तुलना के लिए:
- BJP Instagram: 87 लाख फॉलोअर्स
- Congress Instagram: 1.32 करोड़ फॉलोअर्स
यदि यही रफ्तार जारी रही, तो CJP सोशल मीडिया पर देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों को चुनौती दे सकती है।
1 लाख से ज्यादा युवाओं ने भरा सदस्यता फॉर्म
अभिजीत के मुताबिक, लॉन्च के तुरंत बाद 1 लाख से अधिक युवाओं ने सदस्यता फॉर्म भरा। यह युवाओं में बेरोजगारी, सिस्टम से नाराजगी और मीम-आधारित राजनीतिक अभिव्यक्ति का नया उदाहरण माना जा रहा है।

सदस्यता की 4 योग्यता
Cockroach Janta Party में शामिल होने के लिए मजाकिया ढंग से ये योग्यताएं रखी गईं
- बेरोजगार होना
- आलसी होना
- हमेशा ऑनलाइन रहना
- प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता
CJP का वायरल मैनिफेस्टो
पार्टी ने कई व्यंग्यात्मक वादे किए हैं-
- रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।
- वैध वोट हटाने पर चुनाव आयुक्त पर UAPA लगाया जाएगा।
- महिलाओं को 50% आरक्षण।
- अंबानी-अडानी के मीडिया लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
- “गोदी मीडिया” एंकरों के बैंक खातों की जांच।
- दलबदल करने वाले सांसद-विधायकों पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके 2020-2022 के दौरान आम आदमी पार्टी की केंद्रीय सोशल मीडिया टीम से जुड़े रहे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान वायरल मीम कैंपेन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया है।
क्या फॉलोअर्स असली हैं?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इतने कम समय में जुटे फॉलोअर्स वास्तविक हैं?फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि बड़े पैमाने पर बॉट या फेक फॉलोअर्स खरीदे गए हों। डिजिटल विशेषज्ञों का मानना है कि विषय बेहद संवेदनशील था।युवाओं की बेरोजगारी और निराशा जुड़ी हुई थी।कंटेंट मीम-आधारित और शेयर योग्य था।इसी वजह से यह पेज तेजी से वायरल हुआ।
सोशल मीडिया बनाम जमीनी राजनीति










