Maharashtrakhabar24.in,नांदेड़: महाराष्ट्र विधानसभा की एस्टिमेट्स कमेटी का तीन दिवसीय नांदेड़ दौरा बुधवार से शुरू हुआ, लेकिन इसकी पहली ही बैठक में सदस्यों की कम उपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। 28 सदस्यीय इस कमेटी में से केवल 8 विधायक ही चेयरमैन ए. अर्जुन खोतकर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नियोजन भवन में आयोजित बैठक में शामिल हुए।राज्य सरकार की ओर से इस कमेटी को नांदेड़ जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा के लिए भेजा गया है। कमेटी में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के कुल 28 सदस्य शामिल हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार को सभी सदस्यों को विभाग प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करनी थी, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग रही।बैठक में चेयरमैन ए. अर्जुन खोतकर के अलावा ए. किशोरप्पा पाटिल, ए. सदाभाऊ खोत, ए. शेखर निकम, ए. कैलाश पाटिल, ए. राजेश राठौड़, ए. हेमंत पाटिल और ए. बालाजी कल्याणकर ही उपस्थित रहे।
सभी अधिकारी मौजूद रहे
बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे और उन्होंने जल जीवन मिशन, महावितरण, गोदावरी नदी प्रदूषण सहित विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च और प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। सूत्रों के अनुसार, एस्टिमेट्स कमेटी की बैठक गोपनीय होती है, इसलिए विभागों ने पहले से ही यह सुनिश्चित किया था कि किसी भी तरह की जानकारी बाहर न जाए।
ऐसे जताया विरोध










