महाराष्ट्र में RTI कैसे फाइल करें?अगर आप महाराष्ट्र के किसी सरकारी विभाग से किसी योजना, काम, खर्च, रिकॉर्ड या सरकारी निर्णय से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, तो RTI यानी सूचना का अधिकार के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
Step 1: सबसे पहले सही विभाग की पहचान करें
जिस जानकारी की आपको जरूरत है, वह किस सरकारी विभाग के पास उपलब्ध है, पहले यह पता करें।
उदाहरण के लिए:
नगर निगम से जुड़ी जानकारी – संबंधित नगर निगम
जमीन या राजस्व से जुड़ी जानकारी – संबंधित राजस्व विभाग
ग्राम पंचायत से जुड़ी जानकारी – संबंधित ग्राम पंचायत/प्राधिकरण
पुलिस विभाग से जुड़ी जानकारी – संबंधित पुलिस विभाग
RTI आवेदन संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO/SPIO) को भेजा जाता है।
Step 2: RTI आवेदन लिखें
RTI के लिए कोई बहुत जटिल फॉर्म भरना जरूरी नहीं है। आप सादे कागज पर आवेदन लिख सकते हैं।
महाराष्ट्र में Offline RTI कैसे फाइल करें? : RTI आवेदन का आसान फॉर्मेट
प्रति,
लोक सूचना अधिकारी,
(विभाग/कार्यालय का नाम)
(कार्यालय का पता)
विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन।
महोदय/महोदया,
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मुझे निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराने का कष्ट करें:
………………………………….
………………………………….
………………………………….
कृपया उपरोक्त सूचना उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रदान करने की कृपा करें।
आवेदक का नाम:
पूरा पता:
मोबाइल नंबर:
दिनांक:
हस्ताक्षर:
Step 3: ₹10 की फीस जमा करें
महाराष्ट्र में सामान्य RTI आवेदन के लिए ₹10 आवेदन शुल्क है।ऑफलाइन आवेदन में उपलब्ध आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार ₹10 का Court Fee Stamp लगाया जा सकता है। शुल्क भुगतान के अन्य स्वीकार्य तरीकों में कैश, Demand Draft और Banker’s Cheque भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन संबंधित कार्यालय की निर्धारित प्रक्रिया देखना जरूरी है।ध्यान रखें-अगर आप कैश जमा कर रहे हैं तो उसकी रसीद जरूर लें।
Step 4: आवेदन PIO के पास जमा करें
अब तैयार RTI आवेदन को संबंधित विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO) के कार्यालय में जमा करें।आवेदन खुद जमा करने पर उसकी प्राप्ति/रसीद जरूर लें और उसकी एक कॉपी अपने पास रखें।
Step 5: डाक से भी भेज सकते हैं
अगर आप कार्यालय जाकर RTI जमा नहीं करना चाहते, तो आवेदन को Speed Post या Registered Post के जरिए संबंधित PIO के कार्यालय के पते पर भेज सकते हैं। डाक की रसीद और ट्रैकिंग विवरण संभालकर रखें। यह इस बात का प्रमाण रहेगा कि आवेदन कब भेजा गया था।
Step 6: जवाब का इंतजार करें
सामान्य मामलों में RTI आवेदन का जवाब 30 दिनों के भीतर दिया जाना चाहिए।अगर मांगी गई सूचना किसी अन्य संबंधित लोक प्राधिकरण के पास है, तो कानून के तहत आवेदन को उचित प्राधिकरण को ट्रांसफर किए जाने की स्थिति भी हो सकती है।
Step 7: जवाब नहीं मिले तो First Appeal करें
अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता या प्राप्त जवाब से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो प्रथम अपील (First Appeal) की जा सकती है।First Appeal संबंधित First Appellate Authority (FAA) के पास की जाती है।
आम तौर पर अपील में यह जानकारी देनी चाहिए:
- मूल RTI आवेदन की तारीख
- RTI आवेदन/रसीद का विवरण
- किस सूचना की मांग की गई थी
- जवाब मिला या नहीं
- अगर जवाब मिला है तो आपत्ति का कारण
- मांगी गई राहत/सूचना
RTI लिखते समय इन गलतियों से बचें
RTI में सवाल जितने स्पष्ट होंगे, उतना बेहतर रहेगा।
❌ ऐसा न लिखें:
“मेरी शिकायत पर अधिकारी ने कार्रवाई क्यों नहीं की?”
✅ इसके बजाय रिकॉर्ड मांगें:
“मेरी शिकायत दिनांक _ पर अब तक की गई कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड/नोटशीट/पत्राचार की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।”
इसी तरह RTI में अपनी शिकायत का समाधान करवाने या अधिकारी से कार्रवाई करवाने के बजाय उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी मांगना अधिक उपयुक्त है।
RTI जमा करने से पहले Checklist
☑️ सही विभाग की पहचान की
☑️ PIO का पता जांचा
☑️ सवाल स्पष्ट और बिंदुवार लिखे
☑️ ₹10 आवेदन शुल्क लगाया/जमा किया
☑️ आवेदन की एक कॉपी रखी
☑️ जमा करने की रसीद ली या पोस्ट की रसीद संभाली
☑️ जवाब की तारीख नोट की
☑️ जरूरत पड़ने पर First Appeal के लिए दस्तावेज सुरक्षित रखे
जरूरी बात
RTI के जरिए केवल वही जानकारी मांगी जा सकती है जो संबंधित लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के रूप में हो। RTI Act में कुछ सूचनाओं को सार्वजनिक करने से छूट भी दी गई है। इसलिए हर जानकारी RTI के जरिए मिलना जरूरी नहीं है।
नोट: फीस और प्रक्रिया में विभाग/लोक प्राधिकरण के अनुसार कुछ व्यावहारिक अंतर हो सकता है। आवेदन जमा करने से पहले संबंधित कार्यालय की वर्तमान प्रक्रिया जांच लेना बेहतर है.









