मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात के बीच फोन पर 17 बार बातचीत होने का दावा किया गया है। यह दावा सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने किया है, जिसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है। दमानिया के अनुसार, उन्हें खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर मिले, जिनमें शिंदे और खरात के बीच कई बार बातचीत का जिक्र है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये कॉल किस समयावधि में हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों के बीच सबसे लंबी बातचीत करीब 21 मिनट की थी।
अन्य नेताओं के नाम भी आए सामने
दमानिया ने दावा किया कि एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर और खरात के बीच 177 बार बातचीत हुई, जिसकी कुल अवधि 33,727 सेकंड बताई गई है। इन आरोपों के बाद चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें खरात की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।इसके अलावा, दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि :भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और एनसीपी नेता सुनील तटकरे से 8-8 बार बात हुई। भाजपा मंत्री आशीष शेलार से भी एक बार संपर्क हुआ
नेताओं की सफाई
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि “किसी से फोन पर बात करना कोई अपराध नहीं है।” वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कहा कि सिर्फ बातचीत से अपराध साबित नहीं होता, जब तक किसी की सीधी संलिप्तता न हो।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि मार्च में एक महिला ने अशोक खरात पर तीन साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब तक उसके खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। गिरफ्तारी के बाद खरात की कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिससे मामला और गरमा गया है।फिलहाल, इन दावों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।









