पुणे /मुंबई। बलात्कार समेत कई गंभीर मामलों में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि खरात को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि वह जिंदा रहा तो उससे जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिनमें सत्ता से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
कुछ गलत हो सकता है
मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा कि मामले में और सबूत सामने आने की संभावना है, लेकिन उससे पहले आरोपी के साथ कुछ गलत हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को दबाने की कोशिश की जा सकती है।

दावे निराधार : बावनकुले
हालांकि, शिंदे के आरोपों पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। राज्य के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग जांच में सहयोग करने के बजाय उसे भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज

गौरतलब है कि अशोक खरात को नासिक पुलिस ने 18 मार्च को एक महिला के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान यौन शोषण, जमीन हड़पने और धोखाधड़ी से जुड़े कई अन्य मामले भी सामने आए हैं। फिलहाल खरात पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ नाशिक व अहिल्या नगर में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं।
एसआईटी कर रही है जांच
इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी प्रमुख और आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सतपुते के अनुसार, अब तक 30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर उन्हें डराया-धमकाया और विभिन्न अनुष्ठानों के नाम पर पैसे वसूले।इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी खरात से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 सदस्यीय विशेष टीम जांच में जुटी हुई है।इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।









