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सभी होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों को मुफ्त में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएं : तुकाराम मुंढे

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राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, मुंढे का बड़ा आदेश; नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र खबर 24, मुंबई.FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने निर्देश दिए हैं कि सभी होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों को मुफ्त में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएं।इसके अलावा प्रतिष्ठानों के बाहर प्रमुख स्थान पर “यहां पीने का शुद्ध पानी मुफ्त उपलब्ध है” लिखी सूचना पट्टिका लगाना भी अनिवार्य किया गया है। इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र में ‘सुरक्षित अन्न, निरोगी महाराष्ट्र’ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।मुंढे ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी खाद्य व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर उन्हें बचाया नहीं जाएगा।

ग्राहकों को मुफ्त शुद्ध पेयजल देना होगा
खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ ग्राहकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। FDA आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों को मुफ्त में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा प्रतिष्ठानों के बाहर प्रमुख स्थान पर “यहां पीने का शुद्ध पानी मुफ्त उपलब्ध है” लिखी सूचना पट्टिका लगाना भी अनिवार्य किया गया है। इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण और खाद्य मानकों का पालन अनिवार्य
पत्रकारों से बातचीत में तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना FDA की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि 23 जून को जारी आदेश के अनुसार राज्य के सभी होटल, रेस्टोरेंट और खानपान प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के तहत पंजीकरण कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पाद मानक 2011 समेत अन्य सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा से जुड़े खाद्य मानकों को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
‘सुरक्षित अन्न, निरोगी महाराष्ट्र’ अभियान के तहत की गई जांच में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रशासन को कई प्रतिष्ठानों में बेहद गंदगी भरे माहौल में खाना बनाते हुए पाया गया।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई जगहों पर खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए एक बार इस्तेमाल किए गए तेल का बार-बार उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल भी पाया गया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
FDA ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी विशेष अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 आव्हाड का दावा- “मुंढे के ट्रांसफर के लिए दवा कंपनियों ने जुटाए 250 करोड़”
 महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने दावा किया कि कुछ दवा कंपनियों ने मुंढे का तबादला कराने के लिए कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये इकट्ठा किए हैं।
विधानसभा में बोलते हुए आव्हाड ने कहा कि तुकाराम मुंढे मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। उनके अनुसार, मुंढे की कार्रवाई से प्रभावित होकर कई दवा कंपनियां उनके खिलाफ एकजुट हो गई हैं।आव्हाड ने आरोप लगाया कि मुंढे को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए और कम से कम तीन वर्षों तक उनका तबादला न किया जाए।उन्होंने कहा कि मुंढे की कार्यशैली ईमानदार और जनहित में है, इसलिए उन्हें राजनीतिक या व्यावसायिक दबाव का शिकार नहीं बनने देना चाहिए। आव्हाड के इस मुद्दे पर सदन के कई अन्य सदस्यों ने भी समर्थन जताया और मुंढे को उनके पद पर बनाए रखने की मांग की।इस दौरान विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरी जिरवाल का भी उल्लेख किया गया। आव्हाड ने कहा कि अब तक मुंढे के तबादले की कोई कोशिश सामने नहीं आई है, जिसके लिए जिरवाल की सराहना की जानी चाहिए।वहीं, जवाब देते हुए जिरवाल ने कहा कि तुकाराम मुंढे अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें रोका नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंढे के तबादले का कोई प्रश्न नहीं है और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपने पद पर रहकर जनहित में काम करते रहें।

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