छत्रपति संभाजीनगर. शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मोंढा नाका पुल के नीचे ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ नशे में धुत एक व्यक्ति द्वारा बदसलूकी, गाली-गलौज और कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम जनता में भी चिंता का माहौल बना दिया है।
क्या है मामला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक नियंत्रण में लगे कर्मचारी अपनी नियमित ड्यूटी निभा रहे थे, तभी अचानक एक व्यक्ति वहां पहुंचा और बिना किसी कारण विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था और उसने ट्रैफिक कर्मचारी का कॉलर पकड़ लिया। इसके बाद उसने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए लगातार गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, उसने पुलिस आयुक्त के नाम का उल्लेख करते हुए भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।
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तीन अलग-अलग पुलिस थानों की सीमा
घटना का स्थान तीन अलग-अलग पुलिस थानों की सीमा में आता है, जिसके कारण अधिकार क्षेत्र को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इसी वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि मामले की शुरुआत किस थाना क्षेत्र से मानी जाए और कार्रवाई की जिम्मेदारी किस पुलिस स्टेशन की है। इस प्रशासनिक उलझन के चलते मामला दर्ज करने में कथित तौर पर देरी हो रही है।
आम जनता की सुरक्षा का क्या?
सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक ओर जहां पुलिसकर्मी के साथ खुलेआम बदसलूकी और मारपीट की घटना सामने आई, वहीं दूसरी ओर समय पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा रहेगा।
लोगों में नाराजगी, सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि जांच की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है।









