Ministry of Information & Broadcasting, Govt. of India | As per IT Rules 2021 – Rule 18

पीएम फसल बीमा पर बवाल, विधायक ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, सरकार की भूमिका पर औरंगाबाद हाईकोर्ट सख्त,मांगा जवाब

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

maharashtrakhabar24.in, छत्रपति संभाजीनगर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2023 का बीमा न मिलने पर दायर याचिका में राज्य सरकार की भूमिका पर संदेह जताया गया है। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ के न्यायमूर्ति विभा कंकणवाड़ी और न्यायमूर्ति अजित कड़ेठाणकर ने संबंधित सरकारी तंत्र को शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। हिंगोली के किसान अजित मगर और विधायक चंद्रकांत (राजू) नवघरे ने इस संबंध में जनहित याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर मंगलवार (21 तारीख) को विस्तृत सुनवाई हुई।

क्या है मामला

बताया गया कि हिंगोली जिले में करीब 3 लाख 25 हजार 904 एकड़ क्षेत्र को इस योजना के तहत बीमा सुरक्षा दी गई है। लगभग 5 लाख 12 हजार 94 किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया था। केंद्र, राज्य और किसानों के अंशदान से कुल 338 करोड़ 22 लाख 17 हजार रुपये एचडीएफसी एर्गो बीमा कंपनी के पास जमा किए गए। इसके अनुसार बीमित राशि लगभग 1721 करोड़ 22 लाख 92 हजार 67 रुपये है।योजना के प्रावधानों के अनुसार किसानों को 25 प्रतिशत अग्रिम बीमा राशि देने का प्रावधान है। इस आधार पर हिंगोली के जिलाधिकारी ने 14 सितंबर 2023 को प्रभावित किसानों को 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान के निर्देश दिए थे। बीमा कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ अपील की, लेकिन विभागीय आयुक्त समिति और राज्यस्तरीय सलाहकार समिति (मुंबई) ने जिलाधिकारी के आदेश को बरकरार रखा।हालांकि, बीमा कंपनी ने इन सभी आदेशों को भारत सरकार की तकनीकी सलाहकार समिति के सामने चुनौती दी, जहां राज्य सरकार ने अपनी भूमिका बदल ली। इस पूरे मामले ने अब नई राजनीतिक और प्रशासनिक बहस को जन्म दे दिया है।

और पढ़ें