महाराष्ट्र खबर 24,नई दिल्ली.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश के 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कुल आय में 51.57% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इन दलों की कुल आय 1,192.94 करोड़ रुपए रही, जबकि 2023-24 में यह 2,463.17 करोड़ रुपए थी। यानी एक साल में करीब 1,270 करोड़ रुपए की कमी आई।एडीआर ने 27 मई को जारी रिपोर्ट में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्ट का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 36 में से 21 क्षेत्रीय दलों ने अपनी घोषित आय से ज्यादा खर्च किया।
आय से ज्यादा खर्च करने वाले दलों की संख्या बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय दलों का कुल खर्च 1,433.07 करोड़ रुपए रहा, जो उनकी कुल आय से लगभग 240.12 करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी दलों ने अपनी कमाई से करीब 20% अधिक खर्च किया।सबसे ज्यादा घाटे में YSR कांग्रेस रही। पार्टी ने अपनी आय से 199.82 करोड़ रुपए अधिक खर्च किए, जो उसकी आय से 142.33% ज्यादा है। इसके अलावा AITC, BRS, JD(U), BJD और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने भी आय से अधिक खर्च दर्ज किया।
TDP बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पार्टी
क्षेत्रीय दलों में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पार्टी रही। पार्टी की कुल आय 228.31 करोड़ रुपए रही, जो सभी क्षेत्रीय दलों की कुल आय का 19.14% है।
इसके बाद:
- ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) – 219.35 करोड़ रुपए
- YSR कांग्रेस – 140.39 करोड़ रुपए
खर्च में YSR कांग्रेस सबसे आगे
खर्च के मामले में YSR कांग्रेस शीर्ष पर रही। पार्टी ने कुल 340.20 करोड़ रुपए खर्च किए।
इसके बाद:
- बीजू जनता दल (BJD) – 288.44 करोड़ रुपए
- AITC – 227.59 करोड़ रुपए
चुनाव प्रचार पर सबसे ज्यादा खर्च
रिपोर्ट के अनुसार चुनावी और प्रशासनिक खर्च सबसे बड़े खर्च के मद रहे। 15 क्षेत्रीय दलों ने अपने कुल खर्च का 55% से ज्यादा हिस्सा चुनाव प्रचार पर खर्च किया।
चुनाव प्रचार पर प्रमुख खर्च:
- YSR कांग्रेस – 299.92 करोड़ रुपए
- BJD – 270.66 करोड़ रुपए
- BRS – 147.99 करोड़ रुपए
चंदा बना सबसे बड़ा आय स्रोत
क्षेत्रीय दलों की सबसे बड़ी कमाई का स्रोत दान और स्वैच्छिक योगदान रहे। कुल आय में 702.36 करोड़ रुपए यानी 58.88% हिस्सा चंदे से आया।
सबसे ज्यादा चंदा पाने वाले दल:
- AITC – 184.08 करोड़ रुपए
- YSR कांग्रेस – 140.05 करोड़ रुपए
- TDP – 85.20 करोड़ रुपए
इसके अलावा ब्याज से होने वाली आय 277.21 करोड़ रुपए रही, जो कुल आय का 23.24% है।
कई दलों ने रिपोर्ट समय पर जमा नहीं की
ADR की रिपोर्ट में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। 67 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दलों में से 31 दलों ने तय समयसीमा के 207 दिन बाद तक अपनी ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी।रिपोर्ट के मुताबिक DMK, शिवसेना, शिवसेना (UBT), NCP और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे बड़े दलों की ऑडिट रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थी।
इसके अलावा:
- 15 दलों ने समय पर रिपोर्ट जमा की
- 21 दलों ने 2 से 96 दिन की देरी से रिपोर्ट सौंपी
ADR की मांग
ADR ने राजनीतिक दलों की फंडिंग और खर्च में अधिक पारदर्शिता लाने की मांग की है। संगठन ने कहा कि:
- दानदाताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाए
- ऑडिट रिपोर्ट समय पर जमा करना अनिवार्य हो
- देरी करने वाले दलों पर सख्त कार्रवाई हो











