महाराष्ट्र खबर 24, बेंगलुरु
यहां की लाइफलाइन मानी जाने वाली नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन मंगलवार शाम तकनीकी खराबी के कारण करीब 5 घंटे तक बंद रही। इस दौरान हजारों यात्री मेट्रो स्टेशनों पर फंस गए और कई लोगों को घर पहुंचने के लिए ट्रक, लॉरी, कैब और ऑटो का सहारा लेना पड़ा। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर पर्पल लाइन की एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से पूरी पर्पल लाइन पर सेवाएं रोक दी गईं। पीक आवर्स में मेट्रो बंद होने से स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और शहर में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई।
बुधवार सुबह बहाल हुई सेवा
मेट्रो प्रशासन ने रातभर मरम्मत कार्य चलाया, जिसके बाद बुधवार सुबह 5 बजे से सेवाएं सामान्य कर दी गईं। हालांकि, कई यात्रियों ने मेट्रो प्रबंधन की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए।
आईटी प्रोफेशनल्स के लिए सबसे अहम है पर्पल लाइन
पर्पल लाइन को बेंगलुरु के आईटी सेक्टर की रीढ़ माना जाता है। यह लाइन व्हाइटफील्ड और ITPL जैसे बड़े आईटी हब को एमजी रोड, मजेस्टिक और विधान सौध जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों से जोड़ती है।बेंगलुरु में करीब 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जो शहर की कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत हैं। टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, आईबीएम, कॉग्निजेंट और ओरैकल जैसी बड़ी कंपनियों के कर्मचारी रोजाना इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
तेजस्वी सूर्या ने सरकार पर साधा निशाना
बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा,
“फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस। यही बेंगलुरु की कहानी है।”उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवाओं में व्यवधान अब आम हो गया है और हर बार मेट्रो प्रभावित होने पर पूरा शहर अव्यवस्था में चला जाता है। सूर्या ने कहा कि मंगलवार को भारत की सिलिकॉन वैली के पेशेवरों को घर लौटने के लिए ट्रकों और लॉरियों का सहारा लेना पड़ा।
ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ी
2025 के ट्रैफिक पुलिस हीटमैप के अनुसार, बेंगलुरु में प्रतिदिन करीब 190 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम दर्ज किया जा रहा है। 2024 की तुलना में लोगों के वन-वे सफर का समय 16 प्रतिशत बढ़ गया है। अब औसतन 19 किलोमीटर का सफर तय करने में 63 मिनट लगते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, शहर का एक यात्री हर साल लगभग 117 घंटे ट्रैफिक जाम में बिताता है। जनवरी से जून 2025 के बीच बेंगलुरु में 3 लाख से अधिक नई निजी गाड़ियां सड़कों पर उतरी हैं, जबकि सिर्फ जून महीने में करीब 50 हजार नए वाहनों का पंजीकरण हुआ।
As soon as @OfficialBMRCL discovered the glitch they should have coordinated with @BMTC_BENGALURU @blrcitytraffic arranged shuttle busses 4m affected metro stations to nearby bus stand so that people would have got bus back home!
Why cant they think and act for the benefit of all https://t.co/SMN9kDwu5D— ಕ್ರುಶಿಕ ಎವಿ/Krushika AV (@KrishKrushik) June 24, 2026
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