ISKCON धाम : विदर्भ के लिए एक बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमरावती के रेवसा स्थित मालू सिटी परिसर में करीब ढाई एकड़ यानी लगभग 1 लाख वर्गफुट भूमि पर ISKCON RVCC–बालकृष्ण धाम विकसित किया जा रहा है। इस परिसर का प्रमुख आकर्षण करीब 108 फीट ऊंचा ‘रुक्मिणी रथ मंदिर’होगा। इस पूरे प्रकल्प की अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसे अमरावती और संपूर्ण विदर्भ के प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
ISKCON धाम :20 अगस्त को जमीन की रजिस्ट्री पूरी
ISKCON RVCC–बालकृष्ण धाम परियोजना के लिए भूमि की विधिवत रजिस्ट्री 20 अगस्त 2026 को स्टांप ड्यूटी का भुगतान करने के बाद पूरी की गई। रजिस्ट्री के अवसर पर इस्कॉन अमरावती की ओर से क्षेत्रीय सचिव सहायक (RSA) अनंतशेष प्रभुजी ने हस्ताक्षर किए।

मंदिर अध्यक्ष अद्वैत आचार्य प्रभुजी सहित अन्य सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इस परियोजना की आधारशिला के रूप में 8 मई 2025 को भव्य भूमि पूजन भी किया गया था। इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित इस्कॉन के संत, वरिष्ठ भक्त, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
108 फीट ऊंचा होगा रुक्मिणी रथ मंदिर
इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण लगभग 108 फीट ऊंचा रुक्मिणी रथ मंदिर होगा। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी देवी की उपासना को केंद्र में रखा जाएगा। इस्कॉन के अनुसार, यह मंदिर आने वाले समय में अमरावती और विदर्भ की आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बनने की दिशा में विकसित किया जा रहा है।

मंदिर परिसर में मिलेंगी कई सुविधाएं
ISKCON बालकृष्ण धाम केवल मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा। यहां एक व्यापक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सेवा परिसर विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं-
- संस्कार भवन
- अन्न क्षेत्र और प्रसाद वितरण केंद्र
- अतिथि निवास
- गोविंदा रेस्टोरेंट
- आश्रम
- गुरुकुल
- गौशाला
- बच्चों के लिए खेल एवं संस्कार परिसर
- आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र
इसके अलावा हरिनाम संकीर्तन, भगवद्गीता और श्रीमद्भागवतम की कक्षाएं, बाल संस्कार, युवा प्रशिक्षण, नगर संकीर्तन तथा सामाजिक सेवा और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
50 करोड़ रुपये की परियोजना
पूरे प्रकल्प की अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ रुपये है। मुख्य मंदिर के निर्माण से पहले साइट ऑफिस और कुएं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वर्षा ऋतु के बाद मुख्य मंदिर और पूरे परिसर के निर्माण कार्य को गति देने की योजना है। परियोजना का वास्तु एवं डिजाइन नागपुर के आर्किटेक्ट सुशील मिश्रा ने तैयार किया है।
दिवंगत प्रवीण मालू का सपना होगा साकार
इस मंदिर की संकल्पना इस्कॉन के आजीवन सदस्य स्वर्गीय प्रवीण मालू के उस संकल्प से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने अमरावती में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य धाम स्थापित करने की इच्छा जताई थी। उनके आकस्मिक निधन के बाद उनके परिवार ने इस इच्छा को अपना संकल्प मानकर आगे बढ़ाया। परिवार के सदस्यों और सहयोगियों ने भूमि दान तथा परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोकनाथ स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा प्रकल्प
ISKCON अमरावती का यह प्रकल्प परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। करीब 26 वर्ष पहले उनके मार्गदर्शन में राठी नगर स्थित श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश आध्यात्मिक संस्कार केंद्र की स्थापना हुई थी।

इस्कॉन का कहना है कि 108 फीट ऊंचा रुक्मिणी रथ मंदिर आने वाले समय में अमरावती को एक नई आध्यात्मिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह परियोजना मंदिर के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, संस्कार, गौसेवा और सामाजिक सेवा के लिए भी एक व्यापक केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है।
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