छत्रपति संभाजीनगर :नाशिक में होने वाले कुंभ मेले के मद्देनजर घृष्णेश्वर मंदिर के विकास कार्यों को गति देने की कवायद शुरू हो गई है। इस बीच नए प्रस्तावित कार्यों के लिए अतिरिक्त 53 करोड़ 83 लाख रुपये की आवश्यकता होने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी गई है। वहीं, कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी विनय गौडा ने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
परियोजना का खर्च लगातार बढ़ता गया
घृष्णेश्वर मंदिर के विकास के लिए प्रारंभ में 112 करोड़ रुपये का निधि स्वीकृत की गई थी। हालांकि, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों के विरोध और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के चलते 2018 में शुरू हुए कार्य 2019 में बंद करने पड़े। इसके बाद न्यायालय की रोक के कारण 2021 तक अधिकांश काम ठप पड़े रहे। इस दौरान कई बार पुलिस बंदोबस्त में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन परियोजना को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। बदलते अनुमान और बढ़ती लागत के कारण परियोजना खर्च भी लगातार बढ़ता गया और विकास कार्य लंबित ही रहे।

कई सुविधाओं का होगा, बनी योजना
अब कुंभ मेले की तैयारियों के तहत एक बार फिर इस परियोजना को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। भक्त निवास, दर्शन के लिए प्रतीक्षा कक्ष और येलगंगा नदी पर पुल समेत कई सुविधाओं के निर्माण की योजना है। इन सभी कार्यों के लिए अतिरिक्त निधि की आवश्यकता बताई गई है।









