Ministry of Information & Broadcasting, Govt. of India | As per IT Rules 2021 – Rule 18

छत्रपति संभाजीनगर में 5 दिन का ‘ऑरेंज अलर्ट’,बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

आंधी–बारिश और ओलावृष्टि से किसान परेशान

छत्रपति संभाजीनगर.मराठवाड़ा में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका सीधा असर छत्रपति संभाजीनगर में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। छत्रपति संभाजीनगर के अलावा जलगांव, नाशिक, अहिल्यानगर, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापूर, जालना, परभणी, बीड़, हिंगोली के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं किसानों के लिए यह बड़ी परेशानी बन गई है। तेज हवाओं और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

खड़ी फसलों को भारी नुकसान

शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जहां एक ओर इस बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह बड़ी परेशानी बन गई है। तेज हवाओं और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर समेत धुले, नाशिक, पुणे, सातारा, अहिल्यानगर, कोल्हापुर और जलगांव जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।

गेहूं, चना और सब्जियों की फसलें चौपट

किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई जगहों पर गेहूं, चना और सब्जियों की फसलें खराब हो गई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान की चिंता बढ़ गई है।प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। वहीं किसानों को भी फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।

अहिल्यानगर में ओले गिरे

अहिल्यानगर जिले के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश और तूफान के साथ ओले गिरे। इससे खेती की फसलों को नुकसान हुआ है। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में अहिल्यानगर, अकोले और संगमनेर तालुका के 12 गांवों के 2703 किसानों की 1104 हेक्टेयर एरिया में खेती की फसलें खराब हो गई हैं।

और पढ़ें