नई दिल्ली.देशभर के नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब नौकरी छोड़ने के बाद अपनी ही सैलरी और बकाया पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने नए लेबर कानून के तहत नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे कर्मचारियों को फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ 2 कार्य दिवस के भीतर मिल जाएगा।अब तक कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद अपने बकाया भुगतान के लिए 40 से 45 दिन, और कई मामलों में 90 दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। इस दौरान आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव आम बात थी। लेकिन अब यह पुरानी व्यवस्था खत्म होने जा रही है।
45 दिन का इंतजार खत्म
नए नियम के लागू होने के बाद कंपनियों को किसी भी कर्मचारी के जाने पर उसका पूरा हिसाब—जिसमें सैलरी, बोनस, लीव एनकैशमेंट और अन्य बकाया शामिल हैं—सिर्फ 2 दिनों के अंदर देना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को बार-बार एचआर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
1 अप्रैल 2026 से लागू नियम
यह बदलाव ‘कोड ऑन वेजेज, 2019’ के तहत लाया गया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जा रहा है। यह नियम हर स्थिति पर लागू होगा—चाहे कर्मचारी खुद इस्तीफा दे, कंपनी उसे निकाले या कंपनी बंद हो जाए।
कर्मचारियों के अधिकार होंगे मजबूत
इस नए कानून का मकसद कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करना और कंपनियों की देरी वाली प्रक्रिया पर रोक लगाना है। अब कंपनियां भुगतान को लेकर मनमानी नहीं कर पाएंगी और तय समय सीमा के भीतर पैसा देना ही होगा।
क्या बदलेगा?
FnF सेटलमेंट में देरी खत्म
2 दिन में पूरा भुगतान
कर्मचारियों को आर्थिक राहत
कंपनियों की जवाबदेही तय
कुल मिलाकर, यह नया नियम नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा, जिससे उन्हें अपने मेहनत के पैसे के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।









