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कोलेस्ट्रॉल घटाने के नाम पर बड़ा धोखा! फिश ऑयल पर एक्सपर्ट्स की चेतावनी,पहले जान लें ये सच, वरना बढ़ सकता है खतरा

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Maharashtrakhabar24.in,नई दिल्ली.आजकल बढ़ता बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) लोगों के लिए बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है, जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। इसे कंट्रोल करने के लिए लोग दवाइयों के साथ-साथ फिश ऑयल जैसे सप्लीमेंट्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, 2026 में जारी नई कोलेस्ट्रॉल गाइडलाइंस ने इस धारणा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) के विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मिलने वाले ओवर-द-काउंटर फिश ऑयल कैप्सूल LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में प्रभावी नहीं हैं। एक्सपर्ट्स ने साफ कहा है कि इन्हें इलाज के विकल्प के रूप में लेना गलत हो सकता है।

LDL पर असर क्यों नहीं? 

विशेषज्ञों के मुताबिक, फिश ऑयल मुख्य रूप से ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करता है, लेकिन LDL को घटाने में इसकी भूमिका बेहद सीमित है। कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों में इसके सेवन से LDL का स्तर बढ़ सकता है। यही वजह है कि नई गाइडलाइंस में इसे LDL कंट्रोल के लिए बेअसर बताया गया है।

गलतफहमी से बढ़ सकता है खतरा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गलत जानकारी के चलते लोग सही इलाज से दूर हो जाते हैं और सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने लगते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।

क्या है सही तरीका?

डॉक्टरों के अनुसार, बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए दवाइयों, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम का संयोजन सबसे प्रभावी है। डाइट में फल, सब्जियां, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करना जरूरी है, जबकि तली-भुनी और जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए। रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी मानी जाती है।

बिना सलाह सप्लीमेंट लेना खतरनाक

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए सही जांच और मेडिकल सलाह के बाद ही दवा या सप्लीमेंट लेना चाहिए।

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