नई दिल्ली : 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और खर्चों पर पड़ेगा। रसोई गैस से लेकर हवाई यात्रा, बैंकिंग और टैक्स नियमों तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
एलपीजी
सबसे बड़ा असर एलपीजी यूजर्स पर पड़ा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये, कोलकाता में 1990 से 2208 रुपये, मुंबई में 1835 से 2031 रुपये और चेन्नई में 2043.50 से 2246.50 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।
हवाई यात्रा
वहीं हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है। एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे एयरलाइंस के खर्च बढ़ेंगे और इसका असर यात्रियों के टिकट पर देखने को मिलेगा।
बैंकिंग सेक्टर
यहां भी नए नियम लागू हुए हैं। एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंकों ने एटीएम ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव किया है। तय सीमा के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
इनकम टैक्स
नियमों में बदलाव किया गया है। नया टैक्स सिस्टम लागू होने के साथ HRA और अन्य अलाउंस से जुड़े प्रावधानों में बदलाव हुआ है। इसके अलावा ‘टैक्स ईयर’ का नया कॉन्सेप्ट भी लागू किया गया है।
शेयर बाजार
यहां निवेश करने वालों के लिए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी हो सकती है। वहीं नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारियों के PF और ग्रेच्युटी नियमों में भी बदलाव आए हैं।
PAN कार्ड
इसके अलावा, PAN कार्ड को लेकर नियम सख्त किए गए हैं। अब बड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्ति खरीद में PAN दिखाना अनिवार्य होगा।
यहां भी हुए बदलाव
- FASTag का एनुअल पास महंगा हो गया है।
- रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
- अप्रैल महीने में बैंकों में 14 दिन की छुट्टियां भी रहेंगी, जिससे बैंकिंग कार्यों पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू ये बदलाव आम आदमी की रसोई, यात्रा, बैंकिंग और निवेश से जुड़ी जरूरतों को महंगा बना सकते हैं, जिससे मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना है।









